नई दिल्ली, बुधवार — उत्तराखंड के विकास को नई ऊर्जा देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में केंद्र सरकार से बड़ी पहल की है। उन्होंने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर राज्य में 7 जलविद्युत परियोजनाओं (कुल क्षमता 647 मेगावाट) की स्वीकृति के लिए समर्थन मांगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड गंगा और उसकी सहायक नदियों की निर्मलता व अविरलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है 🌿। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं राज्य के ऊर्जा संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देंगी।
🎯 खेलों से रोजगार का नया रास्ता
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में यह भी बताया कि सरकार हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रही है, जिससे प्रदेश के युवाओं को खेलों के जरिए नए रोजगारपरक अवसर मिल सकें। इसके लिए गौलापार क्षेत्र की लगभग 12.317 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने का प्रस्ताव वन विभाग को भेजा गया है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए जाएं।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री के सुझावों पर सैद्धांतिक सहमति जताते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में केंद्रीय सचिव (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन) तन्मय कुमार, उत्तराखंड के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, और स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा भी उपस्थित रहे।
यह मुलाकात उत्तराखंड के ऊर्जा और खेल दोनों क्षेत्रों में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है — एक ओर राज्य हरियाली और नदी संस्कृति की रक्षा में अडिग है, तो दूसरी ओर युवाओं के भविष्य को नई उड़ान देने की तैयारी भी कर रहा है। 🌄🏔️










