हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड की संस्कृति हमेशा से अपने बुजुर्गों के सम्मान और आशीर्वाद से ही फलती-फूलती रही है। इसी भाव को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नींबूवाला स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के वरिष्ठ नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज का “आशीर्वाद और मार्गदर्शक” बताते हुए सम्मानित किया। उन्होंने स्वयं वृद्धजन सम्मान संकल्प दिलाया और अपनी माँ के नाम पर पौधा रोपकर पर्यावरण व मातृ सम्मान का सुंदर संदेश दिया। 🌱
इस अवसर पर बुजुर्गों की सेवा के लिए समर्पित निःशुल्क एंबुलेंस वैन और वरिष्ठ नागरिकों की वाकथन रैली को भी मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 🚑🚩
मुख्यमंत्री धामी ने कहा –
“वरिष्ठ नागरिक समाज के स्तंभ हैं, जिनके अनुभव और आशीर्वाद से ही हम नई पीढ़ी को सही दिशा दे पाते हैं। सरकार बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है।”
उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 6 लाख बुजुर्गों को पेंशन की राशि सीधे डीबीटी के जरिए बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। साथ ही अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना जैसे कदम बुजुर्गों के जीवन को सहज बनाने में सहायक हो रहे हैं।
राज्य में वृद्धाश्रमों की स्थिति भी लगातार मज़बूत की जा रही है। फिलहाल बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में सरकारी वृद्धाश्रम चल रहे हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए भवन बन रहे हैं। इसके अलावा रुद्रपुर (उधम सिंह नगर) में केंद्र सरकार की मदद से एक मॉडल वृद्धाश्रम तैयार हो रहा है। आने वाले समय में रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ में भी वृद्धाश्रम खोलने की प्रक्रिया शुरू है।
वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें इस साल 150 मास्टर ट्रेनर और केयर गिवर तैयार किए जा रहे हैं। वहीं राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत बुजुर्गों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और इस वर्ष 1300 वरिष्ठ नागरिकों की मोतियाबिंद की निशुल्क सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम भी लागू है, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचंद्र गौड़, उपाध्यक्ष शांति मेहरा, हरक सिंह नेगी, एससी आयोग अध्यक्ष मुकेश कुमार, समाज कल्याण सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी और निदेशक चंद्रसिंह धर्मशक्तू भी मौजूद रहे।










