देहरादून, 16 सितंबर 2025।
बीती रात की अतिवृष्टि ने राजधानी देहरादून को गहरे जख्म दिए हैं। जनहानि, पशु हानि और घरों-मकानों के मलबे में तब्दील हो जाने से लोग मायूस और सहमे हुए हैं। इस कठिन घड़ी में जिला प्रशासन पूरी ताकत के साथ प्रभावितों के बीच खड़ा दिखा।
📍 ग्राउंड जीरो पर डीएम
जिलाधिकारी सविन बंसल सोमवार देर रात से ही आपदा प्रभावित इलाकों – मालदेवता, सहस्रधारा, मजयाडा और कार्लीगाड – में मौजूद रहे। उन्होंने मलबे में दबे और फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू टीमों को निर्देशित किया।
कार्लीगाड में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से 70 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
💬 “प्रशासन हरदम आपके साथ”
पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात के दौरान डीएम बंसल ने भरोसा दिलाया कि मदद में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा –
“आपदा, कोई मुसीबत या किसी अनहोनी को सबसे पहले न्यून करना जिला प्रशासन का दायित्व है। इस संकट की घड़ी में हम हर प्रभावित परिवार के साथ खड़े हैं।”
🏠 किराए के लिए आर्थिक मदद
डीएम ने ऐलान किया कि जो परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होना चाहें, उन्हें तीन महीने तक प्रति परिवार ₹4,000 मासिक किराया दिया जाएगा।
🚧 तत्काल बहाली पर ज़ोर
डीएम ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई को अवरुद्ध सड़कों और पुलों को तुरंत चालू करने के निर्देश दिए। बिजली, पानी और संपर्क मार्गों को बहाल करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता बताई गई। प्रभावितों तक राशन और फूड पैकेट भी पहुंचाए जा रहे हैं।
⚠️ तबाही का आँकड़ा
अतिवृष्टि से देहरादून में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, 3 लोग घायल हैं और 16 लोग लापता हैं।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार नुकसान इस प्रकार है –
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13 पुल और 10 पुलिया क्षतिग्रस्त
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02 मकान और 31 दीवारें टूटीं
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12 खेत व 12 नहरें बह गईं
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21 सड़कें और 7 पेयजल योजनाएं बुरी तरह प्रभावित
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कई होटल, दुकानें और सामुदायिक भवन ढह गए
जिला आपदा परिचालन केंद्र लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। प्रशासन का दावा है कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।
आज का दिन एक बार फिर यह याद दिलाता है कि पहाड़ की बारिश सिर्फ रोमांच नहीं, बल्कि ज़िंदगी पर भारी पड़ने वाला खतरा भी है। लेकिन इस संकट की घड़ी में डीएम सविन बंसल और उनकी टीम उम्मीद का सहारा बने हुए हैं।










