हरिद्वार, 16 सितम्बर।
देवभूमि की पावन धरती हरिद्वार आज तकनीक और अध्यात्म के अद्भुत संगम की साक्षी बनी। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित इंडियन ए.आई. समिट में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए इस आयोजन में देश-विदेश के जाने-माने एआई विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और विद्यार्थी एक मंच पर जुटे।
🕯️ ओम बिरला का संदेश – एआई और आध्यात्म का मेल ज़रूरी
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से जीवन का हिस्सा बन रहा है। लेकिन यह तभी सार्थक होगा जब इसमें भारत की आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों का समावेश हो। उन्होंने कहा – “विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय ही भविष्य को दिशा देगा। एआई भारत की संस्कृति और ज्ञान को विश्व तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन सकता है।”
🌿 सीएम धामी – हमारी सनातन संस्कृति ही असली विज्ञान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति केवल आस्था पर नहीं, बल्कि गहरी वैज्ञानिक दृष्टि पर आधारित रही है। उन्होंने कहा – “हमारे ऋषियों ने हजारों साल पहले ही विज्ञान और अध्यात्म का अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया। आज एआई उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, कृषि, चिकित्सा और उद्योग में नए अवसर पैदा कर रहा है।”
धामी ने युवाओं से अपील की कि वे एआई का उपयोग सकारात्मक और जनकल्याणकारी दिशा में करें ताकि समाज के हर वर्ग का जीवन बेहतर हो सके।
🌍 वैश्विक विशेषज्ञों की राय
संयुक्त राष्ट्र के आस्था एवं एआई आयोग के एशिया कमिश्नर डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है। हालांकि इसके साथ नैतिकता, डेटा सुरक्षा और रोजगार को लेकर बड़ी चुनौतियाँ भी हैं।
स्विट्ज़रलैंड से इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन के सचिव जनरल मार्टिल चुंगोंग ने वीडियो संदेश में एआई की वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डाला।
🤝 विशेषज्ञों और नेताओं की मौजूदगी
इस अवसर पर भारत सरकार के एआई मिशन के सीईओ डॉ. अभिषेक सिंह, स्टुअर्ट रसेल, जान टैलिन, डॉ. सचिन चतुर्वेदी सहित कई नामचीन विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में विधायक मदन कौशिक, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
आज का यह सम्मेलन इस बात का गवाह बना कि जब तकनीक और आध्यात्मिकता हाथ मिलाते हैं, तो भविष्य न सिर्फ स्मार्ट बल्कि मानवीय मूल्यों से भी परिपूर्ण हो सकता है। 🎯










