देहरादून, 16 सितंबर।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आज 50वां जन्मदिन था। लेकिन सुबह का सूरज उगते ही उनका दिन किसी समारोह या उत्सव में नहीं, बल्कि आपदा प्रभावित इलाकों में गुज़रा। 🌧️⛰️
धामी ने पहले ही यह तय कर लिया था कि वे अपने जन्मदिन पर कोई औपचारिक आयोजन या जश्न नहीं करेंगे। लेकिन प्रदेश में तड़के से आपदा की खबरें आने लगीं और मुख्यमंत्री भी जनता की पीड़ा में साथ खड़े दिखाई दिए। सुबह-सुबह उन्होंने अधिकारियों से नुकसान का ब्यौरा लिया और राहत-बचाव कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए।
🛑 मालदेवता क्षेत्र का दौरा
सुबह 9 बजे से पहले ही मुख्यमंत्री धामी देहरादून के मालदेवता इलाके में पहुँच गए। यहां उन्होंने ट्रैक्टर पर सवार होकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद उनके दरवाज़े तक पहुँचाएगी।
💻 तहसील दिवस में वर्चुअल संवाद
आपदा प्रबंधन के बीच मुख्यमंत्री ने अपने आवास से प्रदेशभर में आयोजित तहसील दिवस कार्यक्रमों में वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया। उन्होंने जनता की समस्याएं सीधे सुनीं और अधिकारियों को तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। धामी ने कहा— “तहसील दिवस आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है और हमारी सरकार हर शिकायत का तय समय में निस्तारण सुनिश्चित करेगी।”
🎉 देशभर से शुभकामनाओं की बौछार
हालांकि धामी ने अपना जन्मदिन सादगी और सेवा को समर्पित किया, लेकिन शुभकामनाओं का सिलसिला थमा नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें “गरीब कल्याण और देवभूमि की प्रगति के लिए निरंतर समर्पित नेता” बताया।
नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, योगी आदित्यनाथ, प्रमोद सावंत, ओम बिरला सहित कई केंद्रीय मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री ने भी बधाई संदेश भेजे।
आज का दिन उत्तराखंड की राजनीति में यह याद दिलाने वाला रहा कि नेतृत्व का असली मायना जश्न नहीं, बल्कि जनता के बीच खड़े रहना है। और मुख्यमंत्री धामी ने अपने जन्मदिन को इसी भावना के साथ सेवा में समर्पित कर दिया। 🌿










