देहरादून, मंगलवार – देवभूमि उत्तराखंड अब सिर्फ़ पर्यटन और तीर्थाटन तक सीमित नहीं, बल्कि फ़िल्मों की दुनिया में भी अपनी खास पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। इसी कड़ी में उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने मंगलवार को मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन से शिष्टाचार भेंट कर राज्य की फ़िल्म नीति और गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने साफ कहा कि “राज्य को फ़िल्म निर्माण का हब बनाने के लिए ठोस और दूरगामी कदम उठाने होंगे। भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर का फ़िल्म महोत्सव आयोजित करने पर तुरंत काम किया जाए।”
🎥 स्थानीय युवाओं और कलाकारों को अवसर
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि दूरस्थ पर्वतीय इलाकों में लो-कॉस्ट सिनेमा हॉल की संभावनाएं तलाशने पर भी काम किया जाए। इससे न सिर्फ़ पहाड़ के लोग बड़े पर्दे से जुड़ सकेंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं और कलाकारों को भी रोजगार और मंच मिलेगा।
🌄 फ़िल्ममेकर्स की पहली पसंद बना उत्तराखंड
डॉ. नितिन उपाध्याय ने बताया कि राज्य की सिंगल विंडो सिस्टम नीति ने फ़िल्मकारों के लिए काम आसान कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में ही 30 क्षेत्रीय फ़िल्मों का निर्माण हो चुका है या जारी है। इसके अलावा, कई बड़े बैनरों की हिंदी फ़िल्में और वेब सीरीज़ भी उत्तराखंड में शूट हो रही हैं।
देहरादून से लेकर नैनीताल, मसूरी से लेकर औली और पहाड़ के अनछुए लोकेशंस तक – उत्तराखंड अब फ़िल्मकारों का नया डेस्टिनेशन बन चुका है।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम कर, राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म उद्योग के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया जा सकता है।









