देहरादून, 1 अगस्त 2025 —
“गांव की समृद्धि से ही राष्ट्र का भविष्य तय होता है।”
यही भाव लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में पंचायतीराज विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने के लिए गांवों को आधुनिक और सक्षम बनाना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रधानों से लेकर जिला पंचायत सदस्यों तक सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय प्रबंधन और शासन व्यवस्था का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए। यह प्रशिक्षण गांव-गांव तक प्रभावशाली शासन पहुँचाने की दिशा में मील का पत्थर बनेगा।
🏢 ‘एकीकृत पंचायत भवन’ — एक छत के नीचे सब सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश में एकीकृत पंचायत भवनों का निर्माण किया जाए, जहां ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी, आशा कार्यकर्ता आदि सभी एक ही स्थान पर बैठें। इसके लिए रोस्टर आधारित प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि लोगों को चक्कर न काटने पड़ें और एक जगह ही सारी सेवाएं मिल सकें।
यह न सिर्फ प्रशासन को सुलभ बनाएगा, बल्कि गांववासियों को सम्मानजनक और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने का मार्ग भी खोलेगा।
🗓 ग्राम सभा का स्थापना दिवस अब होगा गांव का उत्सव
मुख्यमंत्री ने गांव की संस्कृति, स्मृति और सहभागिता को जीवंत रखने की दिशा में एक सुंदर प्रस्ताव रखा —
👉 हर ग्राम सभा के स्थापना दिवस को उत्सव के रूप में मनाया जाए।
गांव में लगने वाले मेले, महापुरुषों की जयंती और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में यह दिवस मनाकर सामूहिक चेतना को बढ़ावा दिया जाए।
🛰️ ई-गवर्नेंस और रीयल-टाइम पंचायत मॉनिटरिंग की पहल
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर सभी योजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग हो। हर कार्य का ऑडिट कराया जाए और डेटा सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायतों में शिकायत दर्ज करने और समाधान की एक समयबद्ध और जवाबदेह प्रणाली तैयार की जाए।
पंचायतों में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देकर राज्य शासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि गांव भी अब स्मार्ट बनें — पारदर्शिता और जनता की भागीदारी के साथ।
🧭 जिम्मेदार योजना, संतुलित विकास
मुख्यमंत्री ने पंचायतीराज विभाग को एक महत्वपूर्ण दिशा में काम करने को कहा —
👉 आकलन किया जाए कि अगले 15 वर्षों में कितना ग्रामीण क्षेत्र शहरी क्षेत्र में बदलेगा।
यह भविष्य की ज़रूरतों को समझने और नीति निर्माण में सटीकता लाने की दिशा में अहम पहल है। साथ ही मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि विकास कार्यों में कोई क्षेत्र या व्यक्ति वंचित न रह जाए, इसके लिए समेकित और संतुलित विकास की नीति अपनाई जाए।
📍 बैठक में शामिल प्रमुख चेहरे:
श्री विश्वास डाबर (अवस्थापना अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष), श्री आनंद बर्द्धन (मुख्य सचिव), आर.के. सुधांशु (प्रमुख सचिव), आर. मीनाक्षी सुंदरम, चंद्रेश कुमार यादव, बंशीधर तिवारी और निदेशक निधि यादव भी इस अहम बैठक में मौजूद रहे।









