✅ मुख्यमंत्री धामी का बड़ा एक्शन: अब ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ का लाभ सिर्फ सही हक़दारों को ही मिलेगा 🏠

देहरादून, 1 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जनकल्याण और पारदर्शिता उनके शासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। गुरुवार को सचिवालय में हुई अहम बैठक में मुख्यमंत्री ने आवास विभाग को दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत मिले सभी आवासों का पुनः सत्यापन किया जाए — और यदि किसी ने इस योजना का लाभ गलत तरीके से उठाया है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई हो।

👉 मुख्यमंत्री का यह निर्देश न सिर्फ योजना की विश्वसनीयता को बनाए रखने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि यह एक स्पष्ट संकेत भी है कि अब भ्रष्टाचार या अनियमितता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

📌 मास्टर प्लान, ग्रीनरी और जल संरक्षण पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न शहरों के मास्टर प्लान तेजी से पूरे किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मास्टर प्लान बनाते समय शहरों की धारण क्षमता, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, और वाटर हार्वेस्टिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी प्राथमिकता दी जाए।

वहीं शहरी विकास में हो रहे अनधिकृत निर्माणों और अतिक्रमणों पर सख्त कार्रवाई करने की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि लोगों की सहूलियत का ध्यान रखते हुए नक्शों को समय से पास करना भी जरूरी है।

🌆 उत्तराखंड को मिलेंगे दो नए शहर – ‘स्प्रिचुअल ज़ोन’ की तर्ज़ पर

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य के दोनों मंडलों में एक-एक नया शहर विकसित किया जाएगा, जिसे स्प्रिचुअल जोन यानी धार्मिक, सांस्कृतिक और शांति से जुड़ी सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों के लिए आवासीय मांग का गहराई से आकलन किया जाए और उसके अनुसार ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

🅿️ पार्किंग संकट से राहत: बन रहे 191 आधुनिक पार्किंग स्थल

प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि आवास विकास विभाग इस समय 8 बड़ी योजनाओं पर कार्य कर रहा है। राज्य में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए 191 जगहों पर आधुनिक पार्किंग स्थल बनाए जा रहे हैं, जिनमें 109 मल्टीलेवल, 10 टनल, 63 सर्फेस और 9 ऑटोमेटेड पार्किंग शामिल हैं। अब तक 48 पार्किंग स्थलों का निर्माण पूरा हो चुका है और 47 पर काम जारी है।

🧭 ईमानदारी, पारदर्शिता और जनहित की दिशा में एक निर्णायक कदम

इस पूरी बैठक की आत्मा स्पष्ट थी — “योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे, गलत को नहीं।” मुख्यमंत्री धामी का यह स्पष्ट संदेश राज्य के प्रशासनिक तंत्र और जनता — दोनों के लिए गूंज की तरह है।