उत्तराखंड में पर्यटन अब केवल तस्वीरों और सैर-सपाटे की कहानी नहीं रह गया है, बल्कि यह युवाओं के लिए आजीविका, महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और गांवों के लिए पलायन रोकने की नई उम्मीद बनता जा रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटन विभाग की इन ‘गेम चेंजर योजनाओं’ की वर्चुअल समीक्षा की और साफ कर दिया कि सरकार अब केवल पर्यटक गिनने नहीं, बल्कि हर नागरिक की ज़िंदगी संवारने की दिशा में काम कर रही है।
🌄 पर्यटन नहीं, समृद्धि का रास्ता है ये योजनाएं
सीएम धामी ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य की नई पर्यटन नीति-2023 सिर्फ घूमने-फिरने के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त करने, रोज़गार बढ़ाने और पलायन रोकने की ठोस रणनीति है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नीति लागू होने के बाद निजी निवेश की स्थिति, एमओयू और अब तक की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा जल्द पेश करें।
🏔️ ग्रामीण पर्यटन से जुड़े हर गांव तक पहुंचे विकास
मुख्यमंत्री ने ‘होम स्टे’ को पर्वतीय क्षेत्रों में रोज़गार का सशक्त जरिया बताते हुए कहा कि अधिक से अधिक स्थानीय परिवारों को इससे जोड़ा जाए। ‘ट्रैकिंग ट्रैक्शन सेंटर होम-स्टे अनुदान योजना’ को और तेज़ी से ज़मीन पर उतारने को कहा गया है। साथ ही ‘वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना’ में युवाओं को समय से ऋण और अनुदान देने के भी निर्देश दिए।
🧘♂️ आध्यात्मिक और रोमांचक पर्यटन का नया युग
मुख्यमंत्री ने ‘गोल्जू कॉरिडोर’ (अल्मोड़ा, चम्पावत, घोड़ाखाल) के मास्टर प्लान के तहत कार्य प्रारंभ करने और रुद्रप्रयाग के धार्मिक स्थलों को एकीकृत पर्यटन सर्किट में बदलने की बात कही। माउंटेन बाइकिंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए स्थायी ढांचे की योजना बनाने और प्रचार-प्रसार के लिए विशेष बजट प्रस्तावित करने को कहा गया।
💍 शादी अब यादगार भी और राज्य के लिए लाभकारी भी
राज्य में विवाह पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संभावित स्थलों की पहचान और प्रचार के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। वहीं ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ की अवधारणा को साकार करने के लिए गंगोत्री और ध्याणोत्थान क्षेत्रों को वेलनेस और आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
📊 योजनाओं का असर ज़मीन पर दिखे, तभी सफलता मानी जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनका लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचे। ‘दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास योजना’ के अंतर्गत अब तक 1085 लाभार्थियों को 50 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है, और 5331 होम स्टे पंजीकृत हो चुके हैं। 2025-26 में 245 नए होम स्टे जोड़ने का लक्ष्य है। ‘ट्रैकिंग ट्रैक्शन योजना’ से 115 गांवों में 584 स्थानीय लोग जुड़े हैं।
💼 स्थानीय निवेशकों को भी मिला प्रोत्साहन
राज्य में अब 5 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को आकर्षित करने के लिए ‘पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना’ चलाई जा रही है। अब तक 909 आवेदन एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 70% निवेशक 5 करोड़ से कम निवेश वाले हैं।
🧭 सीएम धामी की प्राथमिकता: पारदर्शिता और ज़मीनी असर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं का पारदर्शी ढंग से क्रियान्वयन हो, अनुदान सही पात्रों तक पहुंचे और निवेश का लाभ गांव-गांव तक दिखे, यही सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में ‘वाइब्रेंट विलेज योजना’ के विस्तार और पंचायत स्तर पर थीम-आधारित ‘टूरिज्म विलेज’ बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, मीनाक्षी सुन्दरम, पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।










