🩸 “रक्त की एक बूंद, उम्मीद की एक सांस” — देहरादून में 216 यूनिट रक्तदान के साथ मानवता ने ओढ़ी नई रौशनी

देहरादून, 30 जून 2025:
जहां एक ओर मानसून की बूंदें देहरादून की गलियों को भिगो रही थीं, वहीं मोथरोवाला के अमोलाज रेस्टोरेंट में समाज की आत्मा भीग रही थी — सेवा और समर्पण से।
‘विचार – एक नई सोच’ सामाजिक संस्था और 17 सहयोगी संगठनों ने मिलकर एक ऐसा आयोजन किया, जिसने यह साबित कर दिया कि इंसानियत जिंदा है, और मजबूत भी।

बेमौसम बारिश भी लोगों की सेवा भावना को नहीं डिगा सकी। लोग छाते और रेनकोट में आए, लेकिन दिल खुले थे — 216 यूनिट रक्तदान हुआ, यानी 216 संभावित जिंदगियों को संजीवनी दी गई।


🌟 जब समाज ने खुद को समाज के लिए उठाया

कार्यक्रम का संचालन योगम्बर पोली और राकेश बिजलवाण ने किया। आयोजन में मौजूद रहे संस्था अध्यक्ष अरुण चमोली, संरक्षक डॉ. एस.डी. जोशी, अरुण शर्मा, मनोज इष्टवाल, जय प्रकाश अमोला, और कई अन्य पदाधिकारी, जिन्होंने महीनों से इस सेवा अभियान की नींव रखी।


🗣️ अतिथियों के संदेश जो दिल को छू गए

विधायक उमेश शर्मा काउ ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा,
🩸 “रक्तदान केवल दान नहीं, जीवनदान है। जब आप रक्त देते हैं, तो आप किसी मां की गोद, किसी बच्चे की मुस्कान और किसी परिवार की उम्मीद बचाते हैं।”

अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने युवाओं की भागीदारी को देख भावुक अंदाज़ में कहा,
🕊️ “सरकारी योजनाओं से तंत्र बनता है, लेकिन समाज आत्मा से बनता है — और आज इस आयोजन में वो आत्मा झलक रही है।”

डॉ. आशुतोष सयाना (निदेशक चिकित्सा शिक्षा) ने इसे चिकित्सा प्रणाली के लिए “रक्त का बैंक” बताया और कहा,
“इस सेवा से ही मरीजों को नया जीवन मिलता है।”

पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनियां ने कहा,
👥 “जब 17 संस्थाएं एक साथ कदम बढ़ाती हैं, तो बदलाव खुद चलकर आता है।”

CIMS कॉलेज चेयरमैन ललित जोशी ने प्रेरित करते हुए कहा,
🕯️ “हमें अपने जीवन का छोटा हिस्सा समाज के लिए जरूर निकालना चाहिए — यही असली शिक्षा है।”

दिग्मोहन नेगी (कुंती फाउंडेशन) बोले,
🙏 “सेवा ही धर्म है, और ये आयोजन उसका जीवंत उदाहरण है।”

उत्तरांचल प्रेस क्लब अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी ने मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा,
📢 “सूचना से परे, मीडिया को अब प्रेरणा का माध्यम बनना होगा।”


🏅 21 समाजसेवियों को किया गया सम्मानित

रक्तदान, समाज सेवा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 21 व्यक्तियों को मंच से सम्मानित किया गया। इनमें अर्जुन सिंह बिष्ट, सुरेश भट्ट, आशीष ध्यानी, अनुराग शुक्ला जैसे नाम शामिल रहे।


🧱 जब सहयोग ही शक्ति बन गया

इस आयोजन में जिन 17 संस्थाओं ने योगदान दिया, उनमें शामिल रहीं —
PRSI देहरादून चैप्टर, उत्तरांचल प्रेस क्लब, हिमालयन डिस्कवर फाउंडेशन, अमोलाज रेस्टोरेंट, रंत रैबार संस्था, लाइफ केयर पैथोलॉजी, CIMS कॉलेज, UIHMT, सत्ता एक्सप्रेस, कुंती दयाल फाउंडेशन, बालाजी टाइम्स, भविष्य की उड़ान, समाचार पत्र समूह, कलर्ड चेकर्स फिल्म्स एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड आदि।


❤️ इस शिविर ने सिखाया: “हर बूंद मायने रखती है”

यह कार्यक्रम एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता की पुनर्परिभाषा था। यहां दान में रक्त था, और बदले में मिला — समाज के लिए गर्व, आत्मा के लिए शांति और दिल के लिए प्रेरणा।