उत्तराखंड बना ‘खेलभूमि’: ओलंपिक दिवस पर सीएम धामी ने खिलाड़ियों को दिलाई शपथ

“खेल के रंग में रंगा उत्तराखंड, ओलंपिक दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने भरा जोश” 🏅🏃‍♂️🏃‍♀️

देहरादून के परेड ग्राउंड का माहौल सोमवार को खेलों के जुनून और देशभक्ति के जज़्बे से भर गया। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ना सिर्फ खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि उन्हें खेल भावना, एकता और शांति की शपथ भी दिलाई।

🎖️ “ओलंपिक केवल खेल नहीं, यह साधना, समर्पण और राष्ट्रीय गौरव का उत्सव है,” — मुख्यमंत्री धामी का यह बयान वहां मौजूद हर युवा खिलाड़ी के दिल में जोश भर गया।

मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर ऐतिहासिक काम हुए हैं। अब भारत सिर्फ खेलने नहीं, जीतने के लिए मैदान में उतरता है। उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में भारत के 107 पदकों और टोक्यो ओलंपिक 2020 में 126 खिलाड़ियों की भागीदारी का ज़िक्र करते हुए बताया कि “यह बदलाव है – एक मजबूत खेल इकोसिस्टम का प्रमाण।”

📍 उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ बनाने का सपना
सीएम धामी ने ऐलान किया कि राज्य को खेलों की धरती के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल ही में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने 103 पदकों के साथ एक नया इतिहास रच दिया। अब राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 आधुनिक खेल अकादमियां, हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है।

🛡️ खिलाड़ियों के लिए योजनाएं और अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पदक विजेताओं को आउट-ऑफ-टर्न सरकारी नौकरी, खेल भत्ता और प्रतिष्ठित ‘उत्तराखंड खेल रत्न’ व ‘हिमालय खेल रत्न’ जैसे सम्मान प्रदान कर रही है। खिलाड़ियों के लिए 4% आरक्षण लागू किया गया है।

👉 मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 3900 खिलाड़ियों और मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत 2155 खिलाड़ियों को डीबीटी के ज़रिए सीधा लाभ मिल रहा है।

🚀 खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने भी कहा कि उत्तराखंड ने न सिर्फ राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर राज्य को गौरवान्वित किया, बल्कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने देशभर में अपनी छाप छोड़ी है।

कार्यक्रम में विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित सिन्हा, अपर निदेशक श्री अजय अग्रवाल समेत खेल विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद रहे।