तिरंगा यात्रा में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, 2027 से पहले विधायकों और टिकट दावेदारों की भी होगी परीक्षा

उत्तर प्रदेश | 11 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश में भाजपा की तिरंगा यात्रा इस बार सिर्फ राष्ट्रभक्ति और आजादी के अमर बलिदानियों को याद करने तक सीमित नहीं है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी इस अभियान के जरिए मौजूदा विधायकों और टिकट की दावेदारी कर रहे नेताओं की सक्रियता और संगठन में पकड़ को भी परख रही है। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में यात्रा शुरू हो चुकी है, जबकि जिले की बाकी विधानसभा सीटों में भी कार्यक्रमों की तैयारी है।

13 अगस्त तक गोरखपुर में चलेगा अभियान

भाजपा वर्ष 2022 से तिरंगा यात्रा का आयोजन कर रही है। इस बार पार्टी ने गोरखपुर जिले और महानगर में अभियान को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की है।

गोरखपुर जिले के 29 मंडलों और महानगर के 10 मंडलों में 13 अगस्त तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। जिले और महानगर की सभी 9 विधानसभा सीटों में भी पार्टी ने विशेष तैयारियां की हैं।

पार्टी ने तिरंगा यात्रा के लिए अलग-अलग संयोजक नियुक्त किए हैं और नेताओं तथा पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

2800 बूथों पर 50-50 तिरंगा फहराने का लक्ष्य

गोरखपुर जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं को करीब 2800 बूथों पर 50-50 तिरंगा फहराने का लक्ष्य दिया गया है। पार्टी ने आम नागरिकों से भी अपने घरों पर तिरंगा फहराने की अपील की है।

जिले के 29 मंडलों में यात्रा की जिम्मेदारी विधायकों से लेकर पार्टी पदाधिकारियों तक को दी गई है। प्रत्येक यात्रा के लिए मुख्य अतिथि भी निर्धारित किए गए हैं।

महानगर के 80 वार्ड भी अभियान में शामिल

गोरखपुर महानगर में भाजपा ने सभी 80 वार्डों में तिरंगा यात्रा निकालने की योजना बनाई है। शहर और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में कुल 892 बूथ हैं।

पार्टी के मुताबिक प्रत्येक बूथ क्षेत्र में 200 से 250 घरों तक तिरंगा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। 11 और 12 अगस्त को महानगर के 10 मंडलों में विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में यात्राएं निकाली जाएंगी।

गोरखपुर और लखनऊ जिला मुख्यालयों में तिरंगा यात्रा निकाली जा चुकी है, जबकि प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों पर 13 अगस्त को यात्रा आयोजित करने की तैयारी है। 14 अगस्त तक घर-घर तिरंगा पहुंचाने की जिम्मेदारी भी कार्यकर्ताओं को दी गई है।

2027 के चुनावी लिहाज से भी अहम अभियान

भाजपा के लिए इस बार तिरंगा यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। पार्टी राष्ट्र के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ इस अभियान को बूथ स्तर तक ले जा रही है। इसी दौरान मौजूदा विधायकों और चुनाव में टिकट मांगने वाले नेताओं की सक्रियता पर भी नजर रखी जा रही है।

गोरखपुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में यात्रा हो चुकी है। अब जिले की अन्य विधानसभा सीटों में भी पार्टी की ओर से इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

योगी ने बलिदानियों के सम्मान को बताया यात्रा का उद्देश्य

गोरखपुर में तिरंगा यात्रा की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि तिरंगा यात्रा देश के अमर बलिदानियों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पहले के दौर में एक परिवार के नाम पर संस्थाओं और योजनाओं के नाम रखे जाने को लेकर टिप्पणी भी की और कहा कि अब क्रांतिकारियों को सम्मान दिया जा रहा है।

भाजपा की ओर से आयोजित यह अभियान अब गोरखपुर के साथ प्रदेश के दूसरे जिलों में भी आगे बढ़ाया जा रहा है।