🛠️ उत्तराखंड के नौजवानों को मिलेगी हुनर की नई उड़ान, सीएम धामी ने दिए बड़े निर्देश

🛠️ उत्तराखंड के नौजवानों को मिलेगी हुनर की नई उड़ान, सीएम धामी ने दिए बड़े निर्देश

देहरादून, 2025
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर जमीनी हकीकत को समझते हुए युवाओं के भविष्य की नींव मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। सचिवालय में कौशल विकास और श्रम विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ-साफ कहा – “युवाओं को सिर्फ नौकरी का इंतज़ार नहीं, अब हुनर की ताक़त से रोज़गार की दिशा दिखानी होगी।”

💼 ‘हर जिले में हुनर, हर हाथ को काम’ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागीय सचिव मिलकर समन्वय से काम करें और ज़िले-ज़िले में स्थानीय जरूरतों के मुताबिक युवाओं को प्रशिक्षित करें – चाहे वो प्लंबर हों, मिस्त्री, इलेक्ट्रिशियन या कारपेंटर।
उन्होंने इन्क्यूबेशन और ग्रोथ सेंटरों को स्किल डवलपमेंट से जोड़ने और स्मार्ट क्लास, लैब्स व अत्याधुनिक मशीनों से सजे ट्रेनिंग सेंटर बनाने पर भी ज़ोर दिया।

📍 परंपरा से जोड़े प्रशिक्षण, बढ़ाएं पहचान
हर जनपद की सांस्कृतिक व पारंपरिक पहचान को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने की बात कही गई। उदाहरण के तौर पर – कुमाऊं के लोक निर्माण, गढ़वाल की लकड़ी कारीगरी, तराई की कृषि आधारित मशीनरी आदि को स्थानीय युवाओं की ट्रेनिंग में शामिल किया जाए।

👩‍🔧 महिलाओं और दूरदराज़ की शक्ति को मंच देने की तैयारी
सीएम धामी ने कहा कि “स्वरोज़गार की ताकत जब बेटियों के हाथों में होगी, तभी उत्तराखंड आत्मनिर्भर बनेगा।” इस उद्देश्य से महिलाओं के लिए अलग स्किल सेंटर बनाए जाएंगे और ‘स्किल ऑन व्हील्स’ वैन को पहाड़ों और सुदूर गाँवों तक भेजा जाएगा।

🌍 विदेशों में भी बिखरे उत्तराखंडियों का हुनर
सीएम ने युवाओं को हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में विदेशी रोज़गार से जोड़ने के लिए भारतीय दूतावासों से संपर्क का आदेश दिया। उन्होंने देहरादून विश्वविद्यालय को निर्देश दिए कि युवाओं को विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग दी जाए ताकि उन्हें बाहर काम पाने में सहूलियत हो।

🧒 बाल श्रम के खिलाफ सख़्ती से कदम
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाल श्रम मुक्त उत्तराखंड के लिए जल्द ही पुनर्वास योजनाएं बनें और बड़े ज़िलों में विशेष अभियान चलाए जाएं। साथ ही, सभी कुशल श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कर सामाजिक सुरक्षा की छतरी के नीचे लाया जाए।

📊 10 दिन में मांगी गई कार्ययोजना
सीएम धामी ने कौशल विकास विभाग से 10 दिनों में स्पष्ट योजना और आँकड़े पेश करने को कहा – “हर साल कितने युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार दिया गया – यह अब सिर्फ फाइलों में नहीं, ज़मीन पर दिखना चाहिए।”

🔧 आईटीआई में नया बदलाव, उद्योगों से जुड़ेंगे छात्र
बैठक में बताया गया कि राज्य के 27 आईटीआई में अब एक वर्ष का प्रशिक्षण उद्योगों में दिया जाएगा। इससे छात्र सिर्फ तकनीकी नहीं, व्यावहारिक रूप से भी सक्षम बनेंगे।

बैठक में विश्वास डाबर, आनंद बर्द्धन, आर.के. सुधांशु, सी. रविशंकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।