हल्द्वानी | 29 अगस्त 2026
🏅 राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इसी कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत भी हुई।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। वहीं मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के जरिए खेल छात्रवृत्ति भी दी गई।
🏟️ क्रीड़ा विश्वविद्यालय से खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय प्रदेश के खेल क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब तक उच्च स्तरीय खेल शिक्षा और विशेष प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन विश्वविद्यालय शुरू होने से उन्हें प्रदेश में ही बेहतर खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
🎯 उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ बनाने का लक्ष्य
राष्ट्रीय खेल दिवस पर मुख्यमंत्री ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि उनकी खेल यात्रा युवाओं को यह प्रेरणा देती है कि प्रतिभा को ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए निरंतर मेहनत और अनुशासन जरूरी है।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड अब देवभूमि और वीरभूमि के साथ ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
💰 खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति और सहायता योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष की उम्र के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत 14 से 23 वर्ष के खिलाड़ियों को मासिक छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
खिलाड़ियों के लिए खेल चोट और आकस्मिक परिस्थितियों में बीमा तथा आर्थिक सहायता की व्यवस्था किए जाने की भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान, प्रशिक्षण और स्थानीय व पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री खेल विकास निधि का गठन किया गया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है।
🏆 2027 राष्ट्रीय खेलों और ओलंपिक-2036 की तैयारी
उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2027 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने के लिए अभी से विशेष रोडमैप पर काम शुरू कर दिया है। साथ ही ओलंपिक-2036 में उत्तराखंड के खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए लोहाघाट में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित किया जा रहा है। वहीं भविष्य की खेल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।
‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के जरिए जिलों की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे लाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके साथ प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न खेलों के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है।
🤖 खिलाड़ियों की फिटनेस पर नजर रखेगा ‘मौली एआई एप्लीकेशन’
खेलों में तकनीक के इस्तेमाल पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया। उन्होंने बताया कि उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस का नियमित आकलन करने के लिए ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है। भविष्य में आधुनिक खेल तकनीकों के जरिए खिलाड़ियों के कौशल और प्रदर्शन को बेहतर करने के प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मैदान पर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि संसाधनों की कमी, आर्थिक परेशानी या अवसरों का अभाव किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपनों में बाधा न बने।
🥇 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मिले खेल पुरस्कार
राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम में वर्ष 2024 और 2025 के लिए विभिन्न खेल पुरस्कार प्रदान किए गए।
वर्ष 2024 में एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार और एथलेटिक्स के लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया।
वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य और बॉक्सिंग के मुकेश चन्द्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार मिला। दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार दिया गया।
मॉडर्न पैंटाथलॉन की टीम श्रेणी में सक्षम प्रताप सिंह और ममता खाती तथा बॉक्सिंग की एकल श्रेणी में खुशी चंद को भी हिमालय खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार विजेताओं को नकद राशि के साथ प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर और शॉल प्रदान किए गए।
🏅 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को भी सम्मान
कार्यक्रम में एथलेटिक्स की अंकिता, बॉक्सिंग की खुशी चंद, हॉकी की मनीषा चौहान, वॉलीबॉल के रफीक अहमद, कबड्डी की भूमिका और राहुल सिंह, बैडमिंटन के चिराग बरेठा, मनोज सरकार और मनदीप कौर समेत कई खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए गए।
मॉडर्न पैंटाथलॉन के सक्षम प्रताप सिंह, ब्लाइंड फुटबॉल की शेफाली रावत, पैरा लॉन बॉल की निलिमा राय तथा शूटिंग के आर्यावंश त्यागी और भूमि भी सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल रहे। उत्कृष्ट प्रशिक्षकों में एथलेटिक्स कोच लोकेश कुमार, बॉक्सिंग कोच बिजेन्द्र मल्ल, शूटिंग कोच अमित, वॉलीबॉल कोच गिरीश कुमार और कबड्डी कोच नितिन कुमार को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट और विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी, खेल प्रशिक्षक और खेल प्रेमी मौजूद रहे।











