राहुल गांधी पर उत्तराखंड में FIR, हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद में SC/ST एक्ट भी लगा; जानें पूरा मामला

हल्द्वानी/देहरादून | 31 अगस्त 2026

🚨 कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी में FIR दर्ज की गई है। मामला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धारा भी लगाई है।

यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर हुई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत रंग देकर वाल्मीकि समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

⚖️ किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

पुलिस के अनुसार, हल्द्वानी कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ BNS की धारा 196 और 299 तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(1) के तहत FIR दर्ज की गई है।

पुलिस के मुताबिक BNS की संबंधित धाराएं अलग-अलग समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों से संबंधित हैं।

📝 किसकी शिकायत पर हुई कार्रवाई?

रिपोर्टों के मुताबिक शिकायत अमित कुमार ने दर्ज कराई है। वह हल्द्वानी की जवाहर नगर कॉलोनी के निवासी और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े बताए गए हैं।

शिकायत में दावा किया गया कि वह स्वयं अनुसूचित जाति समुदाय से हैं और 11 अगस्त को रामलीला मैदान में हुए धार्मिक कार्यक्रम व सफाई अभियान में मौजूद थे। उनका आरोप है कि राहुल गांधी की 29 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई टिप्पणियों से समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।

🏟️ क्या है हल्द्वानी का पूरा विवाद?

यह विवाद 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद शुरू हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, 11 अगस्त को उसी स्थान पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किया था।

कांग्रेस ने इस घटना को दलितों के प्रति भेदभाव से जोड़ते हुए विरोध जताया था। वहीं बीजेपी की ओर से कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा गया कि कांग्रेस की सभा के बाद मैदान में गंदगी रह गई थी और धार्मिक स्थल के लिहाज से अनुचित नारे लगाए गए थे।

🎤 राहुल गांधी ने क्या कहा था?

29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने हल्द्वानी की घटना पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी।

उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को छुआछूत से जोड़ते हुए इसे संविधान के खिलाफ बताया था और कहा था कि घटना के बाद कार्रवाई होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने इस मुद्दे को केवल मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़ा मामला न बताते हुए देश में दलितों के साथ होने वाले कथित भेदभाव के व्यापक मुद्दे से जोड़ा था। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा पर भी सवाल उठाए थे।

🔥 कांग्रेस और बीजेपी में बढ़ा राजनीतिक टकराव

FIR के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जिन लोगों ने कथित ‘शुद्धिकरण’ किया, उनके खिलाफ कार्रवाई के बजाय राहुल गांधी पर केस दर्ज किया गया।

कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने FIR को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी इसका लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जवाब देगी।

वहीं, इस पूरे विवाद में बीजेपी पहले ही कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम के पीछे अलग वजह बताती रही है।

🔎 अब जांच में क्या होगा?

FIR दर्ज होने के बाद पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और 8 व 11 अगस्त को हुए कार्यक्रमों से संबंधित फोटो-वीडियो को आधार बनाने की बात कही है।

फिलहाल राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामला आरोपों और FIR के स्तर पर है। FIR दर्ज होना अपने आप में आरोपों का न्यायिक रूप से सिद्ध होना नहीं है।