🕵️‍♂️ छात्रवृत्ति घोटाले पर सख्त हुए सीएम धामी, सरस्वती शिशु मंदिर के नाम पर हुई धांधली से मचा हड़कंप

🕵️‍♂️ छात्रवृत्ति घोटाले पर सख्त हुए सीएम धामी, सरस्वती शिशु मंदिर के नाम पर हुई धांधली से मचा हड़कंप

देहरादून, 18 जुलाई 2025
उत्तराखंड में ‘छात्रवृत्ति की आड़ में भ्रष्टाचार’ का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने शासन से लेकर समाज तक को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उधमसिंह नगर जिले में सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल किच्छा को एक मदरसे के तौर पर दर्शाकर केंद्रीय छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ लेने की कोशिश ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

📑 मामले की शुरुआत
राज्य के राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर 2021–2023 के बीच अल्पसंख्यक छात्रवृत्तियों के लिए आवेदन करने वाले 796 छात्रों की सूची जब जांची गई, तो इनमें से 456 छात्रों की जानकारी संदिग्ध पाई गई। इन छात्रों में से कई ऐसे संस्थानों से जुड़े थे, जिन्हें कागजों में मदरसा दिखाया गया, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।

🌐 सबसे चौंकाने वाला नाम — सरस्वती शिशु मंदिर
सरस्वती शिशु मंदिर, जो एक परंपरागत हिंदी माध्यम का विद्यालय है, उसे पोर्टल में अल्पसंख्यक संस्थान बताकर वहां 154 मुस्लिम छात्रों का पठन-पाठन दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं, इसका संचालक मोहम्मद शारिक अतीक बताया गया है — जो अपने-आप में गंभीर शंका खड़ी करता है।

💬 मुख्यमंत्री ने दिए सख्त जांच के निर्देश
जैसे ही यह मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल विशेष सचिव (अल्पसंख्यक कल्याण) डॉ. पराग मधुकर धकाते को पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने के निर्देश दे दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा —

“देवभूमि में भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं। चाहे नाम कितना ही पवित्र क्यों न हो, सत्य की जांच हर स्तर पर होगी।”

📌 अन्य संस्थानों की भी जांच शुरू
जांच केवल सरस्वती शिशु मंदिर तक सीमित नहीं रही। काशीपुर की नेशनल अकादमी JMYIH एस, मदरसा अल जामिया उल मदरिया, मदरसा अल्बिया रफीक उल उलूम, मदरसा जामिया आलिया और मदरसा जामिया रजा उल उलूम बाजपुर जैसे संस्थानों के 300+ छात्रों और उनके संचालकों की भी पड़ताल की जा रही है।

🏦 बैंकों तक जाएगी जांच की सुई
अब यह केवल एक शैक्षणिक घोटाला नहीं रह गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जिन छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति जारी हुई, उनके बैंक खातों की जांच भी की जाए — ताकि धन का प्रवाह और असली लाभार्थी सामने आ सकें।

📢 राज्यव्यापी जांच और केंद्र सरकार से संपर्क
डॉ. धकाते ने बताया कि मामले की गहराई को देखते हुए पूरे राज्य में इसी तरह के सभी छात्रवृत्ति आवेदनों की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही केंद्र सरकार से भी संपर्क स्थापित कर विस्तृत जानकारी साझा की जा रही है।

👁‍🗨 क्या सामने आएगा सच्चा चेहरा?
सरस्वती नाम से जुड़े एक स्कूल में यदि इस प्रकार की हेरा-फेरी हो सकती है, तो राज्य भर के कई ऐसे स्कूल भी सवालों के घेरे में हैं, जिनका आज तक कोई सतही रिकॉर्ड नहीं जांचा गया। अब सबकी निगाहें विशेष सचिव द्वारा दो हफ्तों में पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं।