देहरादून, 12 जुलाई 2025।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की विशेष बैठक में साफ कहा —
“ऋण और बीमा से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ हर ज़रूरतमंद को मिलना चाहिए, वो भी बिना भागदौड़ के।”
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी वित्तीय योजनाओं की प्रक्रियाएं और अधिक सरल व पारदर्शी बनाई जाएं, ताकि आमजन तक इनका लाभ तेज़ी से पहुंचे।
🔍 ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने की ज़रूरत पर खास ज़ोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2024-25 में राज्य का ऋण-जमा अनुपात 54% से बढ़कर 54.26% हुआ है, लेकिन इसे 60% तक ले जाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
पर्वतीय जनपदों – टिहरी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पौड़ी और बागेश्वर में इस दिशा में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
🏕️ अक्टूबर में हर जिले में एक दिन, एक जगह – सबका समाधान
सीएम ने ऐलान किया कि अक्टूबर में राज्य के सभी जनपदों में बड़े स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे, जहां सभी विभाग और बैंक एक साथ बैठकर लाभार्थियों की समस्याएं सुलझाएंगे और उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करेंगे।
📊 उत्तराखंड की वित्तीय योजनाएं: कुछ अहम आँकड़े
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प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत राज्य में प्रति लाख पर 48,000 लोगों को बीमा कवर मिला, जो राष्ट्रीय औसत (40,000) से अधिक है।
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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत उत्तराखंड में प्रति लाभार्थी औसतन ₹93,900 का ऋण मिला, जो कि राष्ट्रीय औसत ₹62,686 से काफ़ी अधिक है।
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प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत अब तक 39 लाख खाते खोले गए — पर्वतीय राज्यों में सबसे ज़्यादा।
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2024-25 में अग्रिमों में 10.26% और जमा में 9.09% की वृद्धि दर्ज हुई।
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वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में बीते 3 वर्षों में निरंतर बेहतरी।
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6 लाख 10 हज़ार 636 किसानों ने KCC का लाभ उठाया, जिनमें 67% छोटे और सीमांत किसान हैं।
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70.23% स्वयं सहायता समूहों को क्रेडिट लिंकेज मिला, और SHG की संख्या में 21% की वृद्धि हुई।
👥 प्रमुख अधिकारी रहे बैठक में मौजूद
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, दिलीप जावलकर, नितेश कुमार झा, राधिका झा, श्रीधर बाबू अदांकी, RBI के रीजनल डायरेक्टर अरविंद कुमार, SBI के मुख्य महाप्रबंधक देवाशीष मिश्रा सहित सभी अहम बैंक और विभागीय अधिकारी बैठक में शामिल रहे।
🗣️ मुख्यमंत्री बोले:
“योजनाएं तभी सार्थक होती हैं जब उनका लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे। हमारी प्राथमिकता यही है कि हर लाभार्थी को बिना बाधा के समय पर लाभ मिले।“










