देहरादून | 18 अगस्त 2026
उत्तराखंड में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच बेहतर करने को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की। बैठक में जिला अस्पतालों और बड़े उप जिला अस्पतालों को 31 मार्च 2027 तक NABH प्रत्यायन दिलाने, अस्पतालों को डिजिटल बनाने और डायलिसिस सेवा को 24×7 करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। 🏥
जिला अस्पतालों को NABH मानकों पर लाने की तैयारी
सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश के अस्पतालों में उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी चिकित्सालयों को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) से प्रत्यायन कराने के निर्देश दिए।
पहले चरण में सभी जिला अस्पतालों और बड़े उप जिला अस्पतालों का 31 मार्च 2027 तक NABH प्रत्यायन सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिकारियों को प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए, ताकि अस्पताल निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए समय रहते तैयारी कर सकें।
मुख्य सचिव ने अस्पतालों में गुणवत्ता व्यवस्था को लगातार बनाए रखने के लिए NABH के माध्यम से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था किए जाने की संभावना पर भी जोर दिया।
अस्पतालों के डिजिटलीकरण और ई-हॉस्पिटल पर फोकस
स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए प्रदेश के अस्पतालों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने ई-हॉस्पिटल की दिशा में तेजी से काम करने और एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को प्रदेश में तत्काल लागू करने को कहा।
इस व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने, तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने और वार्षिक रखरखाव अनुबंध (AMC) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
खाली चिकित्सकीय पद जल्द भरने पर जोर
बैठक में चिकित्सकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। मुख्य सचिव ने गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विभिन्न विकल्पों पर काम करने को कहा।
उन्होंने ऐसे चिकित्सकों के लिए व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए जो सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवाएं जारी रखना चाहते हैं। इसके लिए सेवानिवृत्ति से पहले ही जरूरी औपचारिकताएं और पेपर वर्क पूरा करने को कहा गया, ताकि पद रिक्त होने पर इच्छुक चिकित्सकों को उनकी पसंद के स्थान पर सेवा देने का अवसर मिल सके।
इसके अलावा निजी अस्पतालों में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को विजिटिंग डॉक्टर के रूप में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए।
सरकारी अस्पतालों में 24×7 डायलिसिस सुविधा
मुख्य सचिव ने सरकारी अस्पतालों में चल रही डायलिसिस सेवाओं को 24×7 संचालित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रदेश में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा जल्द शुरू करने पर भी जोर दिया गया। 🎯
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है और विशेषज्ञ की व्यवस्था भी कर ली गई है।
इस पर मुख्य सचिव ने अगले तीन माह के भीतर किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आसान होगी प्रक्रिया
आम लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल करने में होने वाली परेशानी को कम करने के लिए भी मुख्य सचिव ने जरूरी कदम उठाने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को जन्म प्रमाण पत्र के लिए अस्पताल, नगर निगम या अन्य कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे माता-पिता को जन्म प्रमाण पत्र स्वतः उपलब्ध कराया जा सके।
इसी तरह मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मृतक के परिजनों को अनावश्यक परेशानी से बचाने की व्यवस्था करने को कहा गया। प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को चिन्हित कर उनका तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने अधिक से अधिक जनसेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने पर भी जोर दिया।
मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी और सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं मजबूत करने के निर्देश
राज्य के मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने के लिए मुख्य सचिव ने पर्याप्त फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। मेडिकल कॉलेजों के वार्डों की गुणवत्ता में सुधार और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों में इवनिंग ओपीडी शुरू करने को भी कहा गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। 🏥
ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, सीईओ स्टेट हेल्थ अथॉरिटी रीना जोशी, अपर सचिव रोहित मीणा, सौरभ गहरवार और महानिदेशक स्वास्थ्य सुनीता टम्टा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









