इस्लामाबाद | 20 अगस्त 2026
आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान एक बार फिर बड़ी वित्तीय मदद की तलाश में है। पाकिस्तान ने विदेशी मुद्रा की स्थिति मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए अमेरिका से 10 अरब डॉलर की सुविधा मांगी है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने इसकी पुष्टि की है।
अमेरिका के सामने रखे गए इस प्रस्ताव को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। पाकिस्तान को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से सितंबर के अंत तक जवाब मिलने की उम्मीद है।
10 अरब डॉलर के लिए अमेरिका के सामने रखा प्रस्ताव
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के अनुसार, 10 अरब डॉलर की सुविधा के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से संपर्क किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव पर बातचीत जारी है और फिलहाल किसी समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। पाकिस्तान की कोशिश विदेशी मुद्रा स्थिरता को मजबूत करने के साथ अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों में अपनी स्थिति बेहतर करने की है।
इसे सामान्य कर्ज या क्रेडिट लाइन नहीं बताया
पाकिस्तानी वित्त मंत्री के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था का मकसद पारंपरिक तरीके से लोन या क्रेडिट लाइन हासिल करना नहीं है।
पाकिस्तान इसे अपनी मुद्रा और विदेशी मुद्रा स्थिरता को लेकर बाजार को सकारात्मक संकेत देने वाली सुविधा के तौर पर देख रहा है। सरकार का लक्ष्य ऐसी स्थिति बनाना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से वित्त जुटाने में आसानी हो सके।
आर्थिक संकट से निकलने की कोशिश में पाकिस्तान
पाकिस्तान पिछले कई वर्षों से बाहरी भुगतान के दबाव का सामना कर रहा है। वर्ष 2023 में देश डिफॉल्ट के करीब पहुंच गया था, लेकिन IMF और द्विपक्षीय साझेदारों से मिले समर्थन के बाद तत्काल संकट टला।
फिलहाल पाकिस्तान 2024 में तय हुए 7 अरब डॉलर के IMF कार्यक्रम को लागू कर रहा है। साथ ही सरकार अपनी साख सुधारने और अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों में नियमित रूप से लौटने की कोशिश कर रही है।
बार-बार मिलने वाली मदद पर निर्भरता घटाना चाहता है पाकिस्तान
पाकिस्तान अब ऐसी वित्तीय व्यवस्था की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा है, जिसमें बाहरी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए मित्र देशों से बार-बार कर्ज, जमा और उनके रोलओवर पर निर्भरता कम हो।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार लंबी अवधि वाले बाजार आधारित वित्तपोषण की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। इसके लिए पाकिस्तान अपनी संप्रभु क्रेडिट रेटिंग सुधारने पर भी काम कर रहा है।
क्रेडिट रेटिंग सुधारने का लक्ष्य
मुहम्मद औरंगजेब के अनुसार पाकिस्तान अपनी सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को कम से कम B स्तर तक ले जाने की कोशिश कर रहा है।
सरकार का मानना है कि बेहतर रेटिंग से अंतरराष्ट्रीय बाजार से लंबी अवधि के लिए कर्ज जुटाने में आसानी हो सकती है और वित्तपोषण की लागत भी कम हो सकती है।
सितंबर के अंत तक अमेरिकी जवाब का इंतजार
पाकिस्तान मौजूदा वित्तीय व्यवस्थाओं से धीरे-धीरे बाहर निकलने के विकल्पों पर भी चर्चा कर रहा है। वित्त मंत्री ने बताया कि अमेरिकी एक्सिम बैंक या अमेरिकी ट्रेजरी से सितंबर के अंत तक प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल 10 अरब डॉलर की सुविधा को लेकर कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। इसलिए अमेरिका से पाकिस्तान को यह रकम कब और किन शर्तों पर मिलेगी, इस पर अभी कोई अंतिम स्थिति सामने नहीं आई है। 📢









