उत्तराखंड में सरकारी संपत्तियों की होगी डिजिटल निगरानी, 2 महीने में मैपिंग और जियोफेंसिंग के निर्देश

देहरादून | 22 सितंबर 2026

उत्तराखंड में सरकारी परिसंपत्तियों की निगरानी को लेकर सरकार ने समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में अगले दो माह के भीतर सरकारी परिसंपत्तियों को पोर्टल पर अपलोड करने के साथ उनकी मैपिंग और जियोफेंसिंग सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में ई-ऑफिस, सरकारी परिसंपत्तियों की निगरानी, सिंगल यूज प्लास्टिक और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन व ग्रेच्युटी से जुड़े मामलों की भी समीक्षा हुई। 📢

ई-ऑफिस को 100 प्रतिशत लागू करने पर जोर

मुख्य सचिव ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की।

सबसे पहले राज्य और जनपद स्तर पर ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को ई-ऑफिस को शतप्रतिशत लागू करने पर जोर दिया।

जिन विभागों में काम की गति अपेक्षाकृत कम है या फाइलों की आवाजाही संतोषजनक नहीं है, वहां नियमित समीक्षा कर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने विभागों में किए जा रहे अच्छे कार्यों और नवाचारों को सचिव समिति की बैठकों में साझा करने को कहा, ताकि उपयोगी प्रयासों को व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके। विभागों को अपने उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय के साथ साझा करने के निर्देश भी दिए गए।

सरकारी संपत्तियों की मैपिंग और जियोफेंसिंग अनिवार्य

बैठक में उत्तराखण्ड गवर्नमेंट एसेट्स मॉनिटरिंग सिस्टम की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी परिसंपत्तियों की पोर्टल पर अनिवार्य रूप से मैपिंग की जाए। इसके लिए अगले दो माह की समयसीमा तय की गई है।

उन्होंने प्रत्येक सरकारी परिसंपत्ति की पोर्टल पर मैपिंग के साथ जियोफेंसिंग सुनिश्चित करने को कहा। संबंधित विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष, जिलाधिकारी और जनपद स्तर के विभागों को सिस्टम पर ऑनबोर्ड करने के निर्देश भी दिए गए।

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति में अलर्ट

मुख्य सचिव ने ऐसी व्यवस्था विकसित करने को कहा, जिससे सरकारी परिसंपत्तियों से जुड़े जरूरी अलर्ट समय पर मिल सकें।

विशेष रूप से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति में समय रहते अलर्ट जनरेट होने की व्यवस्था पर जोर दिया गया, ताकि संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर सकें।

सभी विभागीय सचिवों को साप्ताहिक आधार पर इसकी समीक्षा और मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय में परिसंपत्तियों की मैपिंग एवं अपलोडिंग पूरी कराने को कहा गया। 🎯

सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगातार कार्रवाई के निर्देश

समीक्षा बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने को लेकर भी निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा कि नामित अधिकारी नियमित रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करें और इसके उपयोग को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जाए।

संबंधित विभाग को सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रभावी नियंत्रण के लिए ड्राफ्ट पॉलिसी शीघ्र तैयार कर लागू करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि नियमित निगरानी और कार्रवाई की व्यवस्था बनाई जाए।

सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन पर फोकस

बैठक में शिक्षा विभाग समेत विभिन्न विभागों में सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े पेंशन एवं ग्रेच्युटी के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने ऐसा मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद पेंशन शुरू हो सके और ग्रेच्युटी का भुगतान भी समय पर किया जा सके।

बड़े विभागों में पेंशन संबंधी समस्याओं के जल्द समाधान के लिए प्रभावी ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म विकसित करने को कहा गया।

शिक्षकों के लंबित पेंशन मामलों के लिए विशेष कैंप

प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लंबित पेंशन प्रकरणों के निस्तारण के लिए विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

इससे जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

मेडिकल रीइंबर्समेंट की प्रक्रिया आसान करने के निर्देश

सेवानिवृत्त कार्मिकों के मेडिकल रीइंबर्समेंट से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी बैठक में जोर दिया गया।

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार जिस जनपद से कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है, उसी जनपद के डीडीओ के माध्यम से मेडिकल बिलों के अनुमोदन की प्रक्रिया होती है।

मुख्य सचिव ने ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिसमें सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारी जिस जनपद में वर्तमान में रह रहा है, वहां के डीडीओ के माध्यम से उसके मेडिकल बिलों का अनुमोदन किया जा सके।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फ़ैनाई, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, चंद्रेश कुमार यादव, रविनाथ रमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, ज्योति यादव, रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल, राजेंद्र कुमार तथा कमिश्नर गढ़वाल आनन्द स्वरूप सहित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।