उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने CM धामी को दी बधाई

देहरादून | 13 अगस्त 2026

उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेशवासियों को बधाई दी है। राज्य को यह उपलब्धि 8 जुलाई 2026 को ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत मिली थी।

मुख्यमंत्री को भेजे बधाई संदेश में केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व, प्रशासनिक प्रयासों और प्रदेशवासियों की भागीदारी से जुड़ा परिणाम बताया।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच हासिल की उपलब्धि

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद राज्य ने पूर्ण साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उनके मुताबिक यह प्रयास दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी प्रेरणा का आधार बन सकता है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तराखंड की इस उपलब्धि से देश में समावेशी और समानतापूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के प्रयासों को गति मिलेगी।

‘समग्र शिक्षा’ और ‘उल्लास’ की भूमिका पर जोर

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपने संदेश में समग्र शिक्षा और उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की भूमिका का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा के माध्यम से बाल्यावस्था की प्रारंभिक शिक्षा, बालवाटिका, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा से लेकर कक्षा 12 तक स्कूली शिक्षा को मजबूत करने और शिक्षा की पहुंच, समानता तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर काम किया जाता है।

वहीं, ‘उल्लास’ उन वयस्क शिक्षार्थियों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है, जो औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए। कार्यक्रम के तहत आधारभूत साक्षरता के साथ जीवन कौशल और डिजिटल दक्षता पर भी जोर दिया जाता है।

सतत शिक्षा और कौशल विकास को आगे बढ़ाने की उम्मीद

प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सतत शिक्षा, जीवन कौशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिए नव-साक्षरों के समग्र सशक्तीकरण में उत्तराखंड की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

उन्होंने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने से भी जोड़ा।

CM धामी बोले- यह पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री की बधाई के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य सरकार के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और प्रदेशवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता एवं जनभागीदारी को दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल साक्षरता तक सीमित नहीं है। प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और आजीवन सीखने के अवसर उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है।

8 जुलाई को मिली थी पूर्ण साक्षर राज्य की उपलब्धि

उत्तराखंड को 8 जुलाई 2026 को देश का छठा पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित किया गया था। यह घोषणा ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत निर्धारित वयस्क साक्षरता मानकों को हासिल करने के बाद हुई।

तथ्य-जांच: मूल खबर में प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बताया गया है। यह तथ्य वर्तमान स्थिति के अनुरूप है, क्योंकि उन्होंने 26 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला था।