उत्तराखंड में वनाग्नि से लेकर मानसून तक अलर्ट मोड में सरकार, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश 🔥🌧️

देहरादून |

उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी, जंगलों में आग की घटनाएं और आने वाले मानसून को देखते हुए राज्य सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों को लेकर अधिकारियों को सख्त और समयबद्ध निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उत्तराखंड की वन संपदा राज्य की पहचान है और इसे नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जंगल में आग लगने की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें और राहत कार्य शुरू करें।

पूरे प्रदेश में लागू होगा ‘शीतलखेत मॉडल’

वनाग्नि रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री ने “शीतलखेत मॉडल” को पूरे प्रदेश में लागू करने पर जोर दिया। इसके तहत फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाई जाएंगी ताकि आग फैलने से पहले ही उस पर नियंत्रण पाया जा सके।

सीएम धामी ने कहा कि सिर्फ सरकारी मशीनरी ही नहीं, बल्कि गांवों और वन पंचायतों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। इसके लिए ग्राम समितियों और वन पंचायतों को नियमानुसार बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने आग बुझाने वाले कर्मचारियों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और मोबाइल अलर्ट सिस्टम को और तेज करने के निर्देश दिए ताकि जंगलों में आग की सूचना तुरंत संबंधित क्षेत्रों तक पहुंच सके।

फॉरेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर होगी भर्ती 🌲

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला लेते हुए फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि इससे वन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी।

इसके साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए हर वन डिवीजन में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

गर्मी में पेयजल संकट नहीं होने देंगे

प्रदेश में बढ़ती गर्मी और तीर्थाटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की उपलब्धता हर समय बनी रहे और खराब पड़ी पानी की लाइनों को तत्काल दुरुस्त किया जाए। खासतौर पर चारधाम यात्रा मार्ग, पर्यटन स्थलों और मैदानी क्षेत्रों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

सीएम धामी ने प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा।

मानसून से पहले जिलों में होगा ग्राउंड निरीक्षण 🌧️

मानसून सीजन को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पहले से तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के प्रभारी सचिव खुद फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लें और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

राज्य सरकार चाहती है कि भारी बारिश के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू हो सके।

अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। अस्पतालों में साफ-सफाई, बेहतर चिकित्सा व्यवस्था और मानसून के दौरान गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता 🙏

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच में गंभीर समस्या सामने आए, उन्हें यात्रा से बचने के लिए जागरूक किया जाए।

सरकार का फोकस इस बार सिर्फ यात्रा संचालन पर नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सकुशल वापसी पर भी है।

बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक और वन विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया और विभिन्न विभागों की तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।