देहरादून | 24 सितंबर 2026
उत्तराखंड की पहाड़ों से लेकर मैदानों तक फैली खूबसूरत लोकेशन अब फिल्म निर्माताओं को लगातार आकर्षित कर रही हैं। राज्य में फिल्म शूटिंग का दायरा बढ़ने के साथ निर्माताओं की ओर से किया गया खर्च भी सामने आया है। पिछले कुछ वर्षों में फिल्म निर्माताओं ने उत्तराखंड में शूटिंग पर कुल 1,759 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। 🎬
फिल्म नीति-2024 के जरिए शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया आसान बनाने, निर्माताओं को प्रोत्साहन देने और स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्म निर्माण से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
🎥 शूटिंग डेस्टिनेशन से फिल्म निर्माण केंद्र की ओर बढ़ता उत्तराखंड
उत्तराखंड लंबे समय से अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण फिल्म निर्माताओं की पसंद रहा है। अब सरकार की नई फिल्म नीति के जरिए राज्य को केवल शूटिंग लोकेशन के तौर पर नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण से जुड़ी व्यापक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
फिल्म नीति-2024 में निर्माताओं के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था, विभिन्न प्रोत्साहन और अनुदान, फिल्म पुरस्कार, प्रशिक्षण एवं छात्रवृत्ति तथा पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।
इसका मकसद शूटिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के साथ उत्तराखंड की स्थानीय प्रतिभाओं को भी फिल्म इंडस्ट्री से जोड़ना है।
💰 निर्माताओं ने शूटिंग पर कितना खर्च किया?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग पर निर्माताओं द्वारा किया गया खर्च इस प्रकार रहा—
| वित्तीय वर्ष | शूटिंग पर खर्च |
|---|---|
| 2022-23 | ₹379.75 करोड़ |
| 2023-24 | ₹332.01 करोड़ |
| 2024-25 | ₹531.62 करोड़ |
| 2025-26 | ₹420.72 करोड़ |
| 2026-27* | ₹95.52 करोड़ |
* वित्तीय वर्ष 2026-27 में 19 सितंबर 2026 तक का आंकड़ा।
इन आंकड़ों के मुताबिक संबंधित अवधि में फिल्म निर्माताओं की ओर से उत्तराखंड में शूटिंग पर कुल ₹1,759.62 करोड़ खर्च किए गए।
यह राशि फिल्म शूटिंग के दौरान निर्माताओं द्वारा किए गए खर्च को दर्शाती है, इसे सीधे तौर पर सरकारी निवेश या फिल्म उद्योग में कुल निवेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
🎬 1,440 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग और एनओसी से जुड़ी गतिविधियां
राज्य में फिल्म निर्माण से संबंधित गतिविधियों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
2019-20 से 2025-26 तक उत्तराखंड में 1,440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग और एनओसी से जुड़ी गतिविधियां दर्ज की गईं।
फिल्म निर्माताओं के लिए अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने और शूटिंग के दौरान जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
💸 52 फिल्मों को मिला अनुदान
फिल्म नीति के तहत पात्र फिल्मों को अनुदान देने का प्रावधान है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच 52 फिल्मों को अनुदान दिया गया। इनमें हिंदी फिल्मों के अलावा गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और उत्तराखंड की अन्य भाषाओं में बनी फिल्में भी शामिल हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अकेले 25 फिल्मों को अनुदान दिया गया।
इससे स्थानीय भाषाओं में बनने वाली फिल्मों और क्षेत्रीय सिनेमा को भी प्रोत्साहन देने की कोशिश की जा रही है।
🏆 उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार से स्थानीय प्रतिभाओं को सम्मान
फिल्म नीति के तहत पहली बार उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार-2024 एवं 2025 का आयोजन किया जा रहा है।
इसके जरिए प्रदेश में निर्मित या फिल्मांकित फिल्मों के साथ स्थानीय बोलियों और भारतीय भाषाओं की फिल्मों से जुड़े कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
🏨 फिल्म शूटिंग से स्थानीय कारोबार को भी मिलता है काम
फिल्म यूनिट की शूटिंग के दौरान होने वाला खर्च सिर्फ फिल्म निर्माण तक सीमित नहीं रहता। शूटिंग टीम के उत्तराखंड में रहने और काम करने से स्थानीय स्तर पर कई तरह की सेवाओं की मांग पैदा होती है।
होटल कारोबार: फिल्म यूनिट के ठहरने से स्थानीय होटल कारोबार को लाभ मिलता है।
परिवहन: कलाकारों और तकनीकी टीम के लिए वाहनों की जरूरत होती है।
स्थानीय रोजगार: स्पॉट बॉय, तकनीकी स्टाफ, गाइड और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को काम मिलता है।
स्थानीय कलाकार: फिल्मों और वेब सीरीज में उत्तराखंड की स्थानीय प्रतिभाओं के लिए अवसर बनते हैं।
पर्यटन: फिल्मों में दिखाई देने वाली खूबसूरत लोकेशन आगे चलकर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं। 🏔️
📢 सरकार का जोर फिल्म निर्माण और स्थानीय रोजगार पर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक परिस्थितियां फिल्म शूटिंग के लिए उपयुक्त हैं। सरकार का प्रयास राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करना है।
शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने और फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी काम किया जा रहा है।









