युवाओं, किसानों और स्वरोजगार पर सरकार का फोकस और तेज
देहरादून | 30 जनवरी 2026
उत्तराखंड में रोजगार और स्वरोजगार को नई रफ्तार देने के इरादे से मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में कृषि, पशुपालन, पर्यटन और उद्योग से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की योजनाएं फाइलों तक नहीं, बल्कि ज़मीन पर लोगों की ज़िंदगी तक पहुंचनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से पात्र लोगों तक योजनाओं की पूरी जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा, किसान और उद्यमी सरकार की पहल से जुड़ सकें। 🎯
👨🎓 युवाओं के कौशल विकास पर खास ज़ोर
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ स्वरोजगार के वास्तविक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर और पूरा मिले, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आवंटित बजट का पूरा आउटकम ज़मीन पर दिखाई दे।
🍎 सेब, कीवी और शहद: पहाड़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती
बैठक में अतिसघन सेब बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे तय समयसीमा में लक्ष्य तक पहुंचाने और किसानों को अधिक प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों से जुड़े देयकों का भुगतान समय पर हो और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिले।
इसके साथ ही राज्य में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने और ‘हनी मिशन’ के तहत शहद उत्पादन को एक संगठित उद्योग के रूप में विकसित करने पर ज़ोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं और ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन के साथ इसे राष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सकती है। 🌼🍯
🌾 मिलेट्स से बदलेगा किसानों का भविष्य
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 29 उत्पादों को GI टैग मिल चुका है, जिनमें से 18 कृषि क्षेत्र से जुड़े हैं। वहीं, 134 करोड़ रुपये की स्टेट मिलेट पॉलिसी के तहत मंडुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी और चीना को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रथम चरण में 5 हजार से अधिक गांवों को कवर कर करीब डेढ़ लाख किसानों को लाभ पहुंचाया गया है। मिलेट्स की खरीद के लिए 216 क्रय केंद्र खोले गए हैं और इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य से अधिक 5,386 मीट्रिक टन मिलेट फसलों की खरीद की जा चुकी है।
🏨 पर्यटन और स्वरोजगार से बढ़ा आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं 2.0 के तहत चार वर्षों में 33,620 लाभार्थियों को 202.72 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। पर्यटन क्षेत्र में दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत 780 होम स्टे स्थापित हुए हैं, जबकि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना से एक हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिला है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से राज्य में 17,450 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
👉 कुल मिलाकर, यह समीक्षा बैठक साफ संकेत देती है कि उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य सिर्फ योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर पहाड़ की मजबूत नींव रखना है।










