उत्तराखंड में 178 नए सरकारी अफसरों की एंट्री, सीएम धामी ने नियुक्ति पत्र दिए

देहरादून।
गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन एक खास लम्हे का साक्षी बना। हल्की सर्द हवाओं के बीच हॉल में बैठे 178 युवाओं की आँखों में सपना था, माथे पर जिम्मेदारी का एहसास… और मंच पर थे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जो अपने हाथों से उन्हें सरकारी सेवा में पहला औपचारिक प्रवेश दे रहे थे।

लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित इन 178 अभ्यर्थियों को अर्थ एवं संख्या, कृषि, उद्यान तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभागों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें —

  • अर्थ एवं संख्या विभाग के 117

  • कृषि विभाग के 12

  • उद्यान विभाग के 30

  • महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के 19 अभ्यर्थी शामिल रहे।

नियुक्ति पत्र पाते ही किसी ने नम आँखों से माता-पिता को याद किया, तो कोई फोन पर परिजनों को खुशखबरी सुनाने को बेताब दिखा। कार्यक्रम का माहौल उत्साह, उम्मीद और नए उत्तराखंड की तस्वीर से भरा हुआ नजर आया। 🎯


“ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण से बदलेगा उत्तराखंड का कल” – सीएम धामी

नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने साफ संदेश दिया कि यह सिर्फ नौकरी नहीं, सेवा का व्रत है। उन्होंने कहा कि वे सब मिलकर उत्तराखंड को विकसित, आत्मनिर्भर और देश के अग्रणी राज्यों की कतार में लाने के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएँगे।

मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि –

“गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय और समय पर मिलने वाले आँकड़े ही किसी भी योजना की असली रीढ़ होते हैं।”

उन्होंने अर्थ एवं संख्या विभाग को राज्य की डेटा रीढ़ बताते हुए कहा कि यह विभाग न सिर्फ आंकड़े जुटाता है, बल्कि सरकार की नीतियों, योजनाओं और ज़मीनी हकीकत के बीच एक सेतु का काम करता है।

सीएम धामी ने सहायक सांख्यिकी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे –

  • योजनाओं के असर का तथ्यपरक आकलन करें

  • ज़मीनी स्तर से सही फीडबैक सिस्टम तक पहुँचाएँ
    ताकि जरूरत पड़ने पर सरकार समय पर सुधारात्मक कदम उठा सके और लाभ वास्तव में आम जनता तक पहुँच पाए।


26 हज़ार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी: पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर

मुख्यमंत्री ने पिछले साढ़े चार साल का हवाला देते हुए कहा कि इस अवधि में 26,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी सेवा में अवसर दिए गए हैं।
उनका दावा था कि यह संख्या राज्य गठन के बाद किसी भी पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में दोगुने से भी अधिक है, जो यह दिखाता है कि युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार कितनी गंभीर है।

उन्होंने साफ कहा कि:

  • नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई

  • मजबूत नकल विरोधी कानून लागू किया गया

  • भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, गति और विश्वसनीयता सुनिश्चित की गई

इस सख्ती का असर यह हुआ कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े युवाओं के मन में जो अविश्वास था, वह काफी हद तक कम हुआ है और अब उन्हें मेहनत पर भरोसा करने का नया भरोसा मिला है। 🎯


स्वरोजगार, स्टार्टअप और होम-स्टे: रिवर्स माइग्रेशन की नई कहानी

सरकारी नौकरियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने स्वरोजगार और उद्यमिता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि –

  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना

  • नई स्टार्टअप एवं उद्यमिता नीति

  • नई पर्यटन नीति

  • कृषि, फल उत्पादन और होम-स्टे योजनाएँ

इन सबके माध्यम से प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार के नए-नए अवसर पैदा हुए हैं।

धामी ने कहा कि इन प्रयासों की वजह से आज कई युवा रोजगार की तलाश में पलायन करने के बजाय, अपने ही पहाड़ पर रोज़गार के नए मॉडल खड़े कर रहे हैं। इसके कारण प्रदेश में रिवर्स माइग्रेशन के आंकड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो पहाड़ के लिए एक बड़ी सकारात्मक बदलती तस्वीर है।


महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण परिवारों तक सीधी पहुँच

कार्यक्रम में शामिल महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग में चयनित अभ्यर्थियों की उपस्थिति भी खास रही।
यह वे युवा हैं जो –

  • आंगनबाड़ी से लेकर पोषण योजनाओं तक

  • महिलाओं की सुरक्षा से लेकर बच्चों के विकास तक

सीधे ग्राम स्तर पर काम करते हुए सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने में भूमिका निभाएँगे।

इनके चेहरे पर नौकरी की खुशी के साथ-साथ समाज के कमजोर तबकों तक पहुँचने की जिम्मेदारी भी साफ दिख रही थी।


कार्यक्रम में रहे ये प्रमुख लोग उपस्थित

इस महत्वपूर्ण मौके पर आध्यात्मिक और राजनीतिक, दोनों रंग साथ-साथ दिखे। कार्यक्रम में उपस्थित रहे –

  • श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम

  • कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

  • कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या

  • राज्यसभा सांसद नरेश बंसल

  • विधायक भरत चौधरी

  • विधायक सविता कपूर

  • 20 सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला

  • प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम

  • सचिव एस.एन. पाण्डेय

  • तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी

इन सबकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को न सिर्फ औपचारिक, बल्कि राजनीतिक, धार्मिक और प्रशासनिक समन्वय का प्रतीक बना दिया।


युवा अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया: “अब हमारी बारी है कुछ लौटाने की”

कार्यक्रम के बाद कई चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि यह क्षण उनके लिए जीवन भर यादगार रहेगा।
किसी ने कहा –

“अब तक हम सरकार की योजनाओं के लाभार्थी रहे, अब हमारी बारी है कि सिस्टम के भीतर रहकर समाज को कुछ लौटाएँ।”

तो कोई बोला –

“मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना, यह अपने आप में हमारे लिए सम्मान और प्रेरणा दोनों है।”

इन आवाज़ों में नई पीढ़ी का आत्मविश्वास और अपने राज्य के प्रति गहरा जुड़ाव साफ महसूस किया जा सकता था।