🛰️ “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” के तहत अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर निशाना साधा

संयुक्त राज्य अमेरिका ने शनिवार-रात को इज़राइल के साथ मिलकर ईरान के तीन परमाणु स्थलों — Fordow, Natanz और Isfahan — पर सटीक हमले किए। ऑपरेशन मिडनाइट हैमर में 125+ विमानों, B‑2 स्टील्थ बमवर्षकों ने 14 ‘बंकर‑बस्टर’ बमों के साथ भूमिगत सुविधाओं को निशाना बनाया, साथ ही पनडुब्बी चलित Tomahawk मिसाइल भी छोड़ी गईं

पेंटागन ने हमले को डेवग शांतिप्रिय बताया

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा कि यह “यू.एस.-ऑपरेटेड, यू.एस.-लीड” ऑपरेशन था, और इसका उद्देश्य ईरानी परमाणु कार्यक्रम को ठप्प करना था, न कि आम नागरिकों पर हमला करना
उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने भी कहा, “यदि ईरान ने स्पैट्यूलर प्रतिक्रिया की तो यह दुनिया की सबसे मूर्खतापूर्ण बात होगी”; साथ ही क्राइसिस रद्दीकरण विकल्पों और संभावित घरेलू खतरे पर चेताया

ईरान की प्रतिक्रिया — “अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन”

तेहरान ने हमले को अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन के तौर पर देखा और तुरंत मिसाइल हमलों से इज़राइल को चेतावनी दी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भृ­ष्­टर्ता हुई, जहाँ चीन, रूस, पाकिस्तान ने तत्काल संघर्ष विराम की मांग की—वहीं अमेरिका ने कहकर डैमेज कंट्रोल किया कि यह अभियान सीमित है और वार्ताओं के लिए दरवाजा खुला है

क्या वास्तव में परमाणु क्षमता ठप हुई?

सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि Fordow की भूमिगत संरचना को गंभीर क्षति हुई, लेकिन IAEA ने रेडिएशन स्तरों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं देखी । संदेह है कि Iran ने संवेदनशील सामग्री को कहीं और हटा लिया था। विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला उत्पादन को धीमा कर सकता है, लेकिन परमाणु ज्ञान को मिटाना मुश्किल होगा

वैश्विक आर्थिक और भू‑रणनीतिक असर

तेल की कीमतों में तेज़ी आई – ब्रेंट कच्चे तेल का भाव 5 महीने के उच्च स्तर तक पहुंचा ($81.40 प्रति बैरल)
संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, चीन और रूस ने इस हमले की आलोचना की और संघर्ष को बंद करने की अपील की


📝 निष्कर्ष

यह कार्रवाई साबित करती है कि अमेरिका और इज़राइल मिलकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को धीमा करने के लिए ज़्यादा सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन इसके चलते तनाव में लगातार वृद्धि और क्षेत्रीय अराजकता की आशंकाएं मजबूती से बनी हुई हैं। भू‑राजनीतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए कूटनीति की भूमिका अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।