ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले मॉडलों का किया स्थलीय मूल्यांकन, महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के गांव अब केवल कृषि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वरोजगार और आजीविका के नए मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड चम्बा क्षेत्र में संचालित विभिन्न आजीविका एवं स्वरोजगार गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया।
यह दौरा केवल परियोजनाओं की प्रगति देखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में उभर रहे आत्मनिर्भरता के मॉडलों को समझने और उन्हें और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी प्राथमिकता 🎯
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रीप एवं अन्य आजीविका संवर्धन योजनाओं के अंतर्गत संचालित गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
साथ ही मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट सहित सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, बेहतर पैकेजिंग और बाजार विस्तार के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।
हिमालयन भोजनालय फूड कार्ट बनी महिलाओं की सफलता की मिसाल
ग्राम दिखोलगांव में रीप (ग्रामोत्थान) परियोजना एवं आईएफएडी (IFAD) के सहयोग से संचालित “हिमालयन भोजनालय” फूड कार्ट का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया।
महिलाओं ने स्थानीय व्यंजनों के निर्माण, विपणन व्यवस्था और दैनिक आय से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्य सचिव ने इस पहल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बताते हुए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच को और व्यापक बनाने की आवश्यकता बताई।
मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट से मत्स्य क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम
नागणी में निर्माणाधीन मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट का भी निरीक्षण किया गया। आरआईडीएफ (RIDF) नाबार्ड पोषित इस परियोजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन को मूल्य संवर्धन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उप निदेशक मत्स्य प्रमोद कुमार शुक्ला ने जानकारी दी कि संपर्क मार्ग एवं पुस्तों के निर्माण का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आवश्यक मशीनरी की आपूर्ति भी की जा चुकी है तथा पीयूएफ पैनलिंग का कार्य प्रगति पर है।
मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
पोल्ट्री आधारित स्वरोजगार बना आत्मनिर्भरता का आधार
भिन्नू ग्राम स्थित मूर्ति राम पोल्ट्री फार्म के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और पोल्ट्री गतिविधियों की भूमिका को समझा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा ने बताया कि लाभार्थी द्वारा संचालित यह इकाई ग्रामीण स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का एक व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत कर रही है।
जैविक उत्पादों को बाजार दिला रहा 3K ऑर्गेनिक आउटलेट
दुवाधार स्थित 3K जैविक आउटलेट का भी अवलोकन किया गया, जहां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह द्वारा मांडुआ, चौलाई और विभिन्न दालों जैसे स्थानीय जैविक उत्पादों का विपणन किया जा रहा है।
यह पहल स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्य सचिव ने उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
गांवों में बदल रही विकास की तस्वीर
समग्र निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि जनपद में आजीविका आधारित गतिविधियों की एक नई संरचना विकसित हो रही है, जहां सरकारी योजनाएं, स्वयं सहायता समूह और स्थानीय संसाधन मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, सीडीओ वरुणा अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।









