🌊 टिहरी झील को ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी, 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र का बनेगा मास्टर प्लान

देहरादून | 24 सितंबर 2026

टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर बड़े गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने टिहरी लेक क्षेत्र के लिए समग्र मास्टर प्लान और जोनल प्लान बनाने को कहा है।

योजना में करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया जाएगा। लक्ष्य यह है कि टिहरी झील में पर्यटन गतिविधियां केवल एक मौसम तक सीमित न रहें, बल्कि पूरे साल पर्यटकों के लिए अलग-अलग आकर्षण उपलब्ध हों। 🌊🏔️

🗺️ सरकारी और निजी जमीन को शामिल कर बनेगा मास्टर प्लान

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ बैठक के दौरान टिहरी झील क्षेत्र की दीर्घकालिक प्लानिंग पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को लेकर ऐसा मास्टर और जोनल प्लान तैयार किया जाए, जिसमें सरकारी और निजी दोनों तरह की भूमि को शामिल किया जाए।

क्षेत्र में बेतरतीब विकास को रोकने के लिए अलग-अलग हिस्सों की जरूरत के अनुसार जोन निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मास्टर प्लान तैयार करने से पहले संबंधित स्टेकहोल्डर्स से विचार-विमर्श करने को कहा गया है, ताकि भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय जरूरतों, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पर्यटन की संभावनाओं को योजना में शामिल किया जा सके।

इसके लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली और SPA, भोपाल से तकनीकी सहयोग लेने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

🎯 टिहरी झील में बनेंगे ‘मैगनेट एरिया’

टिहरी को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए झील क्षेत्र में ऐसे प्रमुख आकर्षण केंद्र विकसित करने की योजना है, जिन्हें पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनाया जा सके।

इसके लिए फेजवाइज प्लानिंग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्राथमिकता के आधार पर अलग-अलग परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके।

मुख्य सचिव ने ऐसी पर्यटन गतिविधियों की विस्तृत योजना तैयार करने को कहा है, जिससे पर्यटक टिहरी क्षेत्र में केवल कुछ घंटों के लिए नहीं, बल्कि एक-दो दिन या उससे अधिक समय तक ठहर सकें।

🚣 वाटर स्पोर्ट्स के साथ एडवेंचर और विलेज टूरिज्म पर जोर

टिहरी झील क्षेत्र में पर्यटन को केवल वाटर स्पोर्ट्स तक सीमित रखने के बजाय कई तरह की गतिविधियों को एक साथ विकसित करने पर जोर दिया गया है।

प्रस्तावित गतिविधियों में—

  • 🚣 वाटर स्पोर्ट्स
  • 🧗 एडवेंचर टूरिज्म
  • 🥾 ट्रैकिंग
  • 🌿 नेचर टूरिज्म
  • 🏡 विलेज टूरिज्म
  • 🎭 कल्चरल टूरिज्म

को एकीकृत रूप से विकसित करने की योजना शामिल है।

☀️ अप्रैल से जून में कम जलस्तर के दौरान भी जारी रहेंगी गतिविधियां

बैठक में टिहरी झील में अप्रैल, मई और जून के दौरान जलस्तर कम रहने की स्थिति को भी ध्यान में रखा गया।

मुख्य सचिव ने इस अवधि में भी पर्यटकों के लिए पर्याप्त गतिविधियां उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा है।

इसके साथ ही मौसम और झील के जलस्तर के अनुसार पूरे वर्ष की पर्यटन गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया जाएगा।

🥾 नए ट्रैकिंग रूट और आसपास के गांवों को जोड़ने की तैयारी

टिहरी झील के आसपास नए ट्रैकिंग रूट्स और ट्रेल्स विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

आसपास के गांवों को पर्यटन से जोड़ने के लिए विलेज और कल्चरल विजिट की व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई। इसके जरिए पर्यटक स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और ग्रामीण जीवन को करीब से जान सकेंगे।

बैठक में कहा गया कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

📢 प्रधानमंत्री के समक्ष रखा जा सकता है प्रस्ताव

टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की समग्र कार्ययोजना और प्रस्तावित पर्यटन गतिविधियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस प्रेजेंटेशन को प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की योजना है।

मुख्य सचिव ने अगली बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी बुलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि झील क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर समन्वित चर्चा की जा सके।

👥 बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, एपीसीसीएफ डॉ. विवेक पाण्डेय, सुरेन्द्र मेहरा, सीसीएफ प्रसन्ना कुमार पात्रो, अपर सचिव विनीत कुमार, हिमांशु खुराना, अभिषेक रोहिला और जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल मौजूद रहीं।