शहजाद पूनावाला ने फिर भेजा BJP को इस्तीफा, बोले- फैसला अंतिम; अब निजी क्षेत्र में जाएंगे

नई दिल्ली | 17 अगस्त 2026

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से अलग होने के अपने फैसले को लेकर एक बार फिर नेतृत्व को पत्र भेजा है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन से अपना इस्तीफा स्वीकार करने और उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया है।

पूनावाला ने कहा कि लंबे विचार-विमर्श के बाद उन्होंने भाजपा की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता और पार्टी की जिम्मेदारियों से अलग होने का अंतिम फैसला किया है। उन्होंने अपने निर्णय के पीछे आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला दिया है। 📢

30 जुलाई को भी भेजा था इस्तीफा

शहजाद पूनावाला ने इससे पहले 30 जुलाई 2026 को भाजपा के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। हालांकि, पार्टी ने उस समय उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था।

अब अपने दूसरे पत्र में पूनावाला ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं और कुछ व्यक्तियों से जुड़े मामलों ने उन्हें अपने पहले फैसले पर कायम रहने के लिए मजबूर किया। उन्होंने इन व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का दिया हवाला

पूनावाला ने अपने पत्र में कहा कि उनके सामने गंभीर आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियां हैं। इन्हीं कारणों के चलते वह अब निजी क्षेत्र में जाने का फैसला कर रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा संगठन से अलग होने का अर्थ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा के विचारों से दूरी बनाना नहीं है।

‘व्यवस्था छोड़ रहा हूं, व्यक्ति और विचार नहीं’

पूनावाला ने अपने पत्र में कहा कि वह पार्टी की “व्यवस्था” से अलग हो रहे हैं, लेकिन व्यक्ति और विचार से नहीं।

उन्होंने कहा कि आगे जहां भी और जिस रूप में संभव होगा, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के दृष्टिकोण तथा कार्यों का समर्थन करते रहेंगे। 🇮🇳

PM मोदी, अमित शाह समेत वरिष्ठ नेताओं का जताया आभार

अपने इस्तीफे के पत्र में शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा महासचिव बीएल संतोष समेत वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने भाजपा की ओर से मिले मंच और अवसरों के लिए भी धन्यवाद दिया।

पूनावाला ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि एक युवा, पसमांदा मुस्लिम और गैर-वंशवादी पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के तौर पर उनकी कहानी भाजपा में संभव हुई।

अभी इस्तीफा स्वीकार हुआ या नहीं?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शहजाद पूनावाला ने इस्तीफा स्वीकार करने की मांग दोबारा की है, लेकिन उनके दूसरे इस्तीफे को भाजपा ने स्वीकार कर लिया है—ऐसी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

इसलिए फिलहाल यह कहना सही होगा कि पूनावाला ने पार्टी से अलग होने का अपना फैसला दोहराते हुए इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है। 🎯