🚩 “नशे को ‘ना’, जीवन को ‘हाँ’” — हल्द्वानी की सड़कों पर दौड़ी जागरूकता की लहर

उत्तराखंड के शांत पहाड़ों में रविवार को एक अलग ही जोश देखने को मिला। हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान से जब हजारों युवाओं के कदम एक साथ आगे बढ़े, तो यह सिर्फ एक दौड़ नहीं थी—यह एक संकल्प था, एक आवाज़ थी जो पूरे प्रदेश में गूंज उठी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली को हरी झंडी दिखाकर नशामुक्त उत्तराखंड की दिशा में एक बड़ा संदेश दिया। मैदान में मौजूद युवाओं, छात्र-छात्राओं और आम लोगों के चेहरे पर जो उत्साह था, वह साफ बता रहा था—अब उत्तराखंड का युवा बदल रहा है।

💬 “ये दौड़ सिर्फ कदमों की नहीं, संकल्प की है”

रैली को रवाना करने से पहले मुख्यमंत्री धामी ने भावुक अंदाज़ में कहा—
“आज की यह दौड़ केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और नशामुक्त उत्तराखंड के भविष्य की ओर बढ़ते कदम हैं। जब आप दौड़ेंगे, तो यह संदेश हर गांव, हर शहर तक पहुंचे कि हमारा युवा अब नशे को ‘ना’ और जीवन को ‘हाँ’ कह रहा है।”

⚠️ “नशा एक साइलेंट वार है”

मुख्यमंत्री ने नशे को “साइलेंट वार” बताते हुए चिंता जताई कि यह धीरे-धीरे युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। उन्होंने कहा कि अक्सर मज़ाक-मज़ाक में शुरू हुआ नशा, जिंदगी को अंधेरे में धकेल देता है और पूरे परिवार की खुशियों को प्रभावित करता है।

🇮🇳 केंद्र से प्रेरणा, राज्य में मिशन मोड पर काम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ से प्रेरित होकर राज्य सरकार इस दिशा में तेज़ी से काम कर रही है।

  • एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के जरिए हजारों गिरफ्तारी
  • भारी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी
  • मेडिकल कॉलेजों में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) केंद्र

👥 “दगड़िया क्लब” से बदल रही युवाओं की दिशा

राज्य में बनाए गए ‘दगड़िया क्लब’ युवाओं को नशे से दूर रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये क्लब न केवल जागरूकता फैला रहे हैं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ रहे हैं।

🤝 “लड़ाई कानून से नहीं, समाज से जीती जाएगी”

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि नशे के खिलाफ जंग सिर्फ कानून बनाकर नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज की जागरूकता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने सभी को शपथ दिलाई कि वे खुद नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करेंगे।

🌄 उत्तराखंड की पहचान—संस्कृति, अध्यात्म और युवा शक्ति

धामी ने कहा कि उत्तराखंड अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। अगर यहां का युवा सही दिशा में आगे बढ़े, तो वह पूरे देश के विकास में मिसाल बन सकता है।

इस दौरान कई गणमान्य लोग और अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस अभियान को और मजबूत बनाने का भरोसा दिलाया।