PM Modi ने ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ पर कांग्रेस को घेरा, बोले- देश की धीमी रफ्तार के लिए जिम्मेदार थीं नीतियां, धर्म नहीं

नई दिल्ली | 11 जून 2026

केंद्र में एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए देश की आर्थिक विकास दर को लेकर दशकों पुरानी बहस को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की धीमी आर्थिक वृद्धि को लंबे समय तक “हिंदू ग्रोथ रेट” कहकर प्रचारित किया गया, जबकि वास्तविक समस्या तत्कालीन सरकारों की नीतियों और शासन व्यवस्था में थी।

दिल्ली में एनडीए नेताओं की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास में आई रुकावटों और आर्थिक सुस्ती का ठीकरा हिंदू समाज पर फोड़ना गलत था। उन्होंने कहा कि उस दौर की चुनौतियों के लिए भारत की संस्कृति, परंपरा या समाज नहीं, बल्कि तत्कालीन नीतिगत सोच जिम्मेदार थी।

‘देश की क्षमता पर लगाया गया सवाल’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक समय ऐसा माहौल बनाया गया था, जिसमें यह माना जाने लगा था कि भारत कभी तेज़ी से विकास नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि उस दौर में देश की क्षमता और संभावनाओं पर ही सवाल खड़े किए गए।

प्रधानमंत्री के अनुसार, वर्षों तक चली आर्थिक सुस्ती को एक विशेष नाम देकर प्रस्तुत किया गया, जबकि असल मुद्दा शासन की कार्यशैली और आर्थिक निर्णयों से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा को समझने के लिए इतिहास को सही नजरिए से देखना जरूरी है।

कांग्रेस पर सीधा राजनीतिक हमला

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस दौर में आर्थिक विकास की गति सीमित रही, उसकी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय एक ऐसा नैरेटिव बनाया गया, जिसने बहस को दूसरी दिशा में मोड़ दिया।

उन्होंने कहा कि यदि उस समय की आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाए तो चर्चा नीतियों, निर्णयों और प्रशासनिक दृष्टिकोण पर होनी चाहिए, न कि समाज या धर्म के आधार पर।

12 साल की उपलब्धियों का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, नवाचार, निवेश और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। उनके अनुसार, पिछले एक दशक में देश ने कई ऐसे क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था।

फिर सुर्खियों में आया ‘हिंदू ग्रोथ रेट’

प्रधानमंत्री के बयान के बाद “हिंदू ग्रोथ रेट” शब्द एक बार फिर राजनीतिक और आर्थिक चर्चा का विषय बन गया है। एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर दिया गया यह बयान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच नई बहस को जन्म दे सकता है।

राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।