गमसाली से मलारी तक दौड़ी रफ्तार, पहाड़ों की चुनौती के बीच दिखा युवाओं का दमखम
चमोली | 2 जून 2026
हिमालय की गोद में बसी उत्तराखंड की सीमांत नीति घाटी इन दिनों सिर्फ अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि रोमांच, साहस और खेल भावना के अद्भुत संगम के लिए भी चर्चा में है। तीन दिनों तक चले ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ ने न केवल देशभर के खिलाड़ियों को आकर्षित किया, बल्कि सीमांत क्षेत्र की संस्कृति, पर्यटन और सामरिक महत्व को भी राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई।
कार्यक्रम के अंतिम दिन गमसाली से मलारी के बीच आयोजित 30 किलोमीटर की माउंटेन बाइकिंग (एमटीबी) चैलेंज प्रतियोगिता रोमांच से भरपूर रही। ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों, कठिन चढ़ाइयों और मनमोहक वादियों के बीच प्रतिभागियों ने जिस जज्बे का प्रदर्शन किया, उसने हर किसी को प्रभावित किया।
🚴 चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर चमके देशभर के खिलाड़ी
देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे 100 से अधिक प्रतिभागियों ने कठिन ट्रैक पर अपनी क्षमता और साहस का शानदार प्रदर्शन किया।
30 किलोमीटर पुरुष एमटीबी चैलेंज में खरिकसिंग अडॉनिस तांगपू ने प्रथम स्थान हासिल कर जीत अपने नाम की। सूरज राणा मगर दूसरे और प्रकाश थापा मगर तीसरे स्थान पर रहे।
वहीं महिला वर्ग में अवनी डरियाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। संध्या मौर्या दूसरे और इंद्रा कुमारी तमांग तीसरे स्थान पर रहीं।
15 किलोमीटर पुरुष वर्ग में प्रज्जवल चौहान ने बाजी मारी, जबकि इशांत सिंह अधिकारी दूसरे और अश्विन रौथान तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में प्रिया ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
🏔️ सीमांत पर्यटन को मिला नया आयाम
31 मई से 2 जून तक आयोजित इस तीन दिवसीय मेगा आयोजन में देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं था, बल्कि नीति घाटी को साहसिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करना भी था।
पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सीमांत क्षेत्र केवल सुरक्षा की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि पर्यटन, संस्कृति और युवा ऊर्जा के भी बड़े केंद्र बन सकते हैं।
🎯 संस्कृति, पर्यटन और फिटनेस का बना उत्सव
पूरे आयोजन के दौरान नीति घाटी खेल गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं और पहाड़ी जीवनशैली का जीवंत मंच बनी रही। यहां पहुंचे प्रतिभागियों और पर्यटकों को सीमांत उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और महसूस करने का अवसर मिला।
स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, भारतीय सेना, आईटीबीपी, चिकित्सा विभाग, पर्यटन विभाग और अन्य प्रशासनिक इकाइयों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को यादगार और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🌄 नीति घाटी से निकला बड़ा संदेश
‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ केवल एक खेल आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह सीमांत उत्तराखंड की संभावनाओं, युवाओं की ऊर्जा और साहसिक पर्यटन की नई उड़ान का प्रतीक बनकर उभरा। जिस तरह देशभर से हजारों प्रतिभागी नीति घाटी पहुंचे, उससे साफ है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र एडवेंचर टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है।










