दून की धरती पर जब “नारी शक्ति” की गूंज उठती है, तो वो सिर्फ शब्द नहीं होते… वो बदलते भारत की कहानी कहते हैं। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित “नारी शक्ति वंदन सम्मेलन” में यही एहसास हर चेहरे पर साफ दिखा—आत्मविश्वास, सम्मान और एक नए युग की शुरुआत का भरोसा। 🎯

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को समाज और राष्ट्र की असली ताकत बताते हुए कहा—
👉 “महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही देश की प्रगति की नींव है।”

🌸 “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” — बदलाव की मजबूत दस्तक

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण का प्रावधान महिलाओं को सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि नीति निर्माण में निर्णायक भागीदारी देगा।

उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल देश में लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगी।

🔥 “अब महिलाएं सिर्फ सहभागी नहीं, निर्णयकर्ता भी”

कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि यह कानून महिलाओं को निर्णय लेने की मुख्यधारा में लाने वाला परिवर्तनकारी कदम है। अब महिलाएं हर बड़े फैसले में अपनी भूमिका निभाएंगी।

वहीं, महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्य ने साफ कहा कि यह कानून महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि नेतृत्व का केंद्र बनाता है—यही असली सशक्तिकरण है।

💪 खेत से संसद तक—हर भूमिका में मजबूत नारी

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की महिला हर क्षेत्र में अग्रणी है—
🌾 खेत में मेहनत करने वाली किसान
💼 स्टार्टअप खड़ा करने वाली उद्यमी
🏛️ पंचायत से संसद तक नीति बनाने वाली नेता

उन्होंने कहा कि अब वो दौर बदल रहा है, जब महिलाओं को उनका हक नहीं मिलता था—आज नारी शक्ति को सम्मान और अधिकार देने का नया अध्याय शुरू हो चुका है।

🚀 योजनाओं से सशक्त होती मातृशक्ति

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं—“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “उज्ज्वला योजना”, “जन-धन योजना” और “लखपति दीदी योजना”—का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव आया है।

राज्य स्तर पर भी उत्तराखंड सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई पहल कर रही है—
✔️ स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा
✔️ “सशक्त बहना उत्सव योजना”
✔️ “मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना”
✔️ “उद्यमशाला योजना” के जरिए महिला उत्पादों को ब्रांड बनाना

🌍 “लोकल से ग्लोबल” तक नारी की पहचान

“हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के जरिए स्थानीय महिला समूहों के उत्पाद अब वैश्विक पहचान की ओर बढ़ रहे हैं। आज प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक “लखपति दीदी” आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन चुकी हैं। ✨

🛡️ सुरक्षा और अधिकार दोनों पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30% आरक्षण लागू है और “समान नागरिक संहिता” के जरिए उनके अधिकारों को और मजबूत किया गया है।

👏 सम्मान और प्रेरणा का मंच

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में माधुरी बर्थवाल सहित कई विशिष्ट महिलाएं मौजूद रहीं, जिन्होंने अपनी उपलब्धियों से समाज को नई दिशा दी।