मसूरी | 2 सितंबर 2026
मसूरी के शहीद स्थल झूलाघर में बुधवार को उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मसूरी गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, तप, त्याग और बलिदान की वजह से अलग उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ। उन्होंने कहा कि शहीद आंदोलनकारियों का बलिदान प्रदेशवासियों की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेगा।
मसूरी की धरती आंदोलन के संघर्ष की गवाह
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1994 में खटीमा गोलीकांड के विरोध में मसूरी में हजारों राज्य आंदोलनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनके सामने आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य का सपना था।
उन्होंने कहा कि मसूरी की धरती उत्तराखंड राज्य आंदोलन के संघर्ष और बलिदान की साक्षी रही है। आंदोलन में शहीद हुए लोगों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने नई पीढ़ी को राज्य निर्माण के आंदोलन और उसके संघर्ष से परिचित कराने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। 🇮🇳
आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महिलाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। माताओं और बहनों ने आंदोलन में सक्रिय भागीदारी कर उसे मजबूती प्रदान की।
उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को उत्तराखंड की पहचान और गौरव का आधार बताते हुए कहा कि सरकार उनके सम्मान और कल्याण के लिए कई कदम उठा रही है।
आंदोलनकारियों को 10% क्षैतिज आरक्षण
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसका दायरा बढ़ाकर चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं और 98 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित किया जा चुका है।
शहीद परिवारों की पेंशन बढ़ाने का दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवारों की मासिक पेंशन ₹3 हजार से बढ़ाकर ₹5,500 की गई है।
जेल गए और घायल आंदोलनकारियों की पेंशन ₹6 हजार से बढ़ाकर ₹7 हजार, जबकि सक्रिय आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4,500 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रतिमाह किए जाने की जानकारी उन्होंने दी।
पूर्णतः शय्याग्रस्त दिव्यांग राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन भी ₹20 हजार से बढ़ाकर ₹30 हजार प्रतिमाह करने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
इसके अलावा राज्य आंदोलनकारियों के अधिकतम दो बच्चों को स्कूल और कॉलेज में निःशुल्क शिक्षा तथा आंदोलनकारियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दिए जाने का भी उल्लेख किया।
महिलाओं के आरक्षण से UCC तक फैसलों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के विभिन्न फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है।
उन्होंने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने, सख्त नकल विरोधी कानून और कठोर भू-कानून लागू करने जैसे फैसलों का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
धर्मांतरण और दंगा विरोधी कानूनों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अस्मिता और डेमोग्राफी की रक्षा के लिए धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि देवभूमि की शांति और संस्कृति के खिलाफ काम करने वाली मानसिकता पर सख्ती से कार्रवाई की गई है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने की बात
मुख्यमंत्री ने राज्य के समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्रों तक सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है। साथ ही युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं।
‘हर युवा को रोजगार’ सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का कोई युवा रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर न हो और कोई गांव विकास से दूर न रहे।
उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करना, गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना तथा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार के संकल्प का हिस्सा है। 🎯
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, नगर पालिका अध्यक्ष मसूरी मीरा सकलानी, रविन्द्र जुगरान, जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।










