देहरादून | 7 सितंबर 2026
🎯 उत्तराखंड के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक बाधाओं से राहत देने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया।
योजना के पहले चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा। इसका लाभ प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा।
📚 प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल मेहनत ही पर्याप्त नहीं है। सही दिशा, रणनीति, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि खासकर पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों के कई प्रतिभाशाली युवा आर्थिक स्थिति, संसाधनों की कमी और उचित मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण अच्छे कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधनों या आर्थिक तंगी को किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
🏔️ उत्तराखंड की युवा शक्ति को सही अवसर देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। प्रदेश के युवा मेहनती और प्रतिभाशाली हैं तथा चुनौतियों का सामना करने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि जरूरत इस बात की है कि युवाओं को उनकी प्रतिभा के अनुरूप सही दिशा, बेहतर मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने नकल रोकने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। उनके अनुसार पिछले 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
💼 सरकार का लक्ष्य: युवा नौकरी लेने वाले ही नहीं, देने वाले भी बनें
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ सरकारी रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है। युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाना भी जरूरी है।
इसी सोच के तहत स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता, स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन बढ़ा है और कई युवा गांवों में लौटकर व्यवसाय, कृषि-बागवानी, होमस्टे तथा स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम शुरू कर रहे हैं। इससे वे खुद स्वरोजगार से जुड़ने के साथ दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
👥 ढाई लाख से ज्यादा युवाओं से लिए जा रहे सुझाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला वर्ग नहीं मानती, बल्कि उन्हें प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने में सहभागी बनाना चाहती है।
इसी उद्देश्य से प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन कर उनके विचार और सुझाव लिए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि युवाओं की आकांक्षाओं और रोजगार से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से काम करने के लिए राज्य में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा।
🎓 छात्राओं के लिए छात्रसंघ चुनाव में 50% पद आरक्षित
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने योजना को प्रदेश के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर बताया।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थी योजना की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ उठा सकें।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस वर्ष से छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार जारी है। ई-ग्रंथालय के जरिए विद्यार्थियों को लगभग 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
🧑🏫 कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों पर व्यक्तिगत ध्यान देने की अपील
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने योजना से जुड़े कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की।
उन्होंने कहा कि इसे केवल व्यावसायिक जिम्मेदारी तक सीमित न रखा जाए, बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्व के रूप में भी देखा जाए।
मुख्य सचिव ने सही मार्गदर्शन, नियमित संवाद और विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार सहयोग को उनकी तैयारी और आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने युवाओं से उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प जरूरी है।
🗣️ विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया CM धामी ने
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के बीच जाकर उनसे बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, भविष्य के लक्ष्य और आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्र-छात्राओं में उत्साह भी नजर आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में उनके साथ खड़ी है।
🇮🇳 कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, महानिदेशक शिक्षा श्रीमती आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव मनमोहन मैनाली तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।









