राज्यसभा चुनाव के बीच मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज, हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को टिकट नहीं

नई दिल्ली | 6 अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा ने यूपी की 10 राज्यसभा सीटों में से 8 के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, लेकिन मौजूदा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है।

हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को नहीं मिला टिकट

भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है।

इस सूची में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का नाम नहीं है। दोनों उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होना है।

क्या दोनों मंत्रियों की होगी छुट्टी?

राज्यसभा का टिकट नहीं मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि हरदीप पुरी और बीएल वर्मा आगे केंद्र सरकार में मंत्री बने रहेंगे या नहीं। संविधान के तहत कोई व्यक्ति संसद के किसी भी सदन का सदस्य बने बिना अधिकतम छह महीने तक मंत्री रह सकता है। इसलिए राज्यसभा टिकट नहीं मिलने का मतलब यह नहीं है कि दोनों को तत्काल मंत्री पद छोड़ना होगा।

हालांकि, इसी घटनाक्रम के बीच मीडिया रिपोर्टों में मोदी मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चा तेज हुई है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक सरकार और भाजपा संगठन के स्तर पर मंत्रियों की भूमिका और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है। अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्र सरकार की ओर से कैबिनेट फेरबदल की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

संगठन और सरकार में जिम्मेदारियों पर भी नजर

कैबिनेट फेरबदल की चर्चा के बीच भाजपा संगठन में जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ केंद्रीय मंत्रियों को लेकर भी अटकलें हैं। पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा पहले से ही पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में सरकार और संगठन के बीच जिम्मेदारियों में बदलाव होता है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की यूपी सूची ने मोदी कैबिनेट में संभावित बदलाव की चर्चाओं को फिर हवा दे दी है। लेकिन मंत्रियों के पद, विभाग या नए चेहरों को लेकर अंतिम फैसला सामने आने तक इसे केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।