उत्तराखंड के विकास की नई तस्वीर अब तेजी से आकार लेती दिख रही है। शनिवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर राज्य के भविष्य से जुड़े अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस मुलाकात में खास फोकस रहा—कुंभ-2027 की भव्य तैयारियां, हरिद्वार गंगा कॉरिडोर और आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम।
🕉️ कुंभ-2027 की तैयारी: हरिद्वार में बदलेगी तस्वीर
आगामी कुंभ मेला 2027 को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में बिजली की लाइनों को भूमिगत करने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए पहले चरण में करीब ₹325 करोड़ की राशि तुरंत स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया, जबकि दूसरे चरण में ₹425 करोड़ और मंजूरी की बात कही गई।
👉 इसका सीधा फायदा यह होगा कि
- शहर में तारों का जाल खत्म होगा
- बिजली व्यवस्था स्मार्ट और सुरक्षित बनेगी
- श्रद्धालुओं को बेहतर और निर्बाध अनुभव मिलेगा
🌊 हरिद्वार गंगा कॉरिडोर: आस्था और आधुनिकता का संगम
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में गंगा किनारे प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर के लिए भी करीब ₹325 करोड़ की वित्तीय मदद मांगी।
इस परियोजना में शामिल हैं:
- घाटों का सौंदर्यीकरण
- बेहतर आवासीय सुविधाएं
- आधुनिक शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर
यह कदम न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगा।
🚄 ट्रांसपोर्ट में बड़ा बदलाव: RRTS और मेट्रो का प्रस्ताव
उत्तराखंड के तीन प्रमुख शहर—देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश—को जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने दो बड़े प्रस्ताव रखे:
🔹 RRTS विस्तार
मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को बढ़ाने की मांग की गई।
🔹 मेट्रो कॉरिडोर
देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश के बीच मेट्रो सेवा शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा गया।
👉 इसके फायदे:
- ट्रैफिक जाम में कमी
- यात्रा समय में भारी बचत
- पर्यावरण पर सकारात्मक असर
🤝 केंद्र का भरोसा
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इससे उम्मीद जगी है कि उत्तराखंड के इन महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को जल्द ही हरी झंडी मिल सकती है।
🎯 निष्कर्ष
यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम साबित हो सकती है। कुंभ-2027 के बहाने हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में जो विकास की लहर उठने वाली है, वह राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का दम रखती है।










