कारगिल विजय दिवस: CM धामी ने वीर सैनिकों का किया सम्मान, कहा- उत्तराखंड के 75 जवानों का बलिदान देश की अमिट विरासत

देहरादून | 26 जुलाई

🇮🇳 कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन में वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, अटूट संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का अमर अध्याय है।

उत्तराखंड के 75 वीर जवानों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग हर दूसरे परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना से जुड़ा है, इसलिए उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि वीरभूमि भी है।

सैनिकों के सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। साथ ही बलिदानी सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने, आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।

अग्निवीरों के भविष्य पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला अग्निवीर रोजगार सेल स्थापित किया जाएगा। पुलिस, वन विभाग और अन्य सरकारी सेवाओं में उन्हें प्राथमिकता देने के साथ स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।

सैन्य धाम और सैन्य स्मारक पर तेजी से काम

उन्होंने कहा कि देहरादून के गुनियाल गांव में निर्माणाधीन सैन्य धाम अंतिम चरण में है, जो उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और बलिदानी सैनिकों की वीरगाथा का प्रतीक बनेगा। इसके अलावा खटीमा और टनकपुर के बीच सैन्य स्मारक स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, शहीदों के परिजन और बड़ी संख्या में प्रदेशवासी मौजूद रहे।