देहरादून की सुबह मंगलवार को कुछ खास थी। चैत्र नवरात्र की पवित्रता के बीच प्रेमनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में श्रद्धा का ऐसा दृश्य बना, जिसने हर किसी का मन छू लिया। इस सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में पुष्कर सिंह धामी खुद शामिल हुए और 1100 कन्याओं का पूजन कर इस आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। 🙏
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरात्र सिर्फ पूजा का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों के जरिए शक्ति की उपासना का महापर्व है।
1100 कन्याओं का एक साथ पूजन—यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि समाज के भीतर नारी सम्मान की भावना का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने भी इसे सौभाग्यपूर्ण बताते हुए आयोजन समिति की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे संदेशों को जमीन पर उतारते हैं।
उन्होंने बड़े सरल लेकिन प्रभावशाली शब्दों में कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या को देवी का स्वरूप माना गया है। बेटियां ही हैं जो अपने संस्कार, स्नेह और त्याग से परिवार और समाज दोनों को मजबूत बनाती हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से एक सीधा संदेश भी दिया—हर बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान मिलना ही चाहिए। यही असली कन्या पूजन है। 💫
उन्होंने बताया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बेटियों के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। छात्रवृत्ति, कक्षा 9 में साइकिल वितरण, 12वीं के बाद प्रोत्साहन राशि और सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण जैसे कदम बेटियों के भविष्य को मजबूत कर रहे हैं।
इसके साथ ही, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह के लिए 61 हजार रुपये और व्यक्तिगत विवाह के लिए 55 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। अनुसूचित जाति, जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी 50 हजार रुपये तक का विवाह अनुदान मिल रहा है।
राज्य सरकार नंदा गौरा योजना, गौरा देवी कन्याधन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना और पोषाहार योजना जैसी योजनाओं के जरिए बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक हर स्तर पर उनका साथ निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र के ये नौ दिन हमें सिर्फ पूजा ही नहीं, बल्कि सेवा, विनम्रता और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी सिखाते हैं। कन्या पूजन इसी भावना का प्रतीक है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारे में भी माथा टेका, जो आपसी सद्भाव और एकता का संदेश देता है। 🤝










