उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में विकास और विरासत का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शहर के ऐतिहासिक जुगमन्दर हॉल के नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण कर एक बड़ा संदेश दिया—“विकास भी, विरासत भी”।
करीब 2.32 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए इस नवीनीकृत हॉल में अब आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान की झलक भी साफ नजर आएगी। इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केदारपुरम स्थित ए.बी.सी. सेंटर में कैनाल निर्माण और शहर के 6 अलग-अलग स्थानों पर पार्कों के विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों का भी शिलान्यास किया।
🌄 विरासत को सहेजते हुए विकास की रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून अब सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध संस्कृति और आधुनिक सोच का प्रतीक बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विकास की दौड़ में अपनी जड़ों को भूलने के बजाय उन्हें और मजबूत करने का काम कर रही है।
उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं जैसे स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत योजना देश के शहरों को नई पहचान दे रही हैं।
💰 1400 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगा देहरादून का चेहरा
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून को आधुनिक और सुविधायुक्त शहर बनाने के लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
👉 शहर में:
- 35 से अधिक पार्कों का निर्माण
- केदारपुरम में योगा थीम पार्क 🧘♂️
- 50 हजार वर्गमीटर हरित क्षेत्र का विकास
- 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन 🚍
- 11 EV चार्जिंग स्टेशन ⚡
- कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग
इन प्रयासों का असर भी दिख रहा है—स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वां स्थान हासिल किया है।
🚧 ट्रैफिक और भविष्य की चुनौतियों पर भी नजर
आने वाले समय में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से शहर में यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए सरकार ने पार्किंग, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर काम तेज कर दिया है।
साथ ही, रिस्पना और बिंदाल नदियों पर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना भी तैयार हो रही है, जिससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
🧹 स्वच्छता और व्यवस्था पर सख्त रुख
नगर निगम के कामकाज की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि:
- राजस्व संग्रह 52 करोड़ से बढ़कर 73 करोड़ रुपये हुआ 📈
- डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन 200 से बढ़कर 300 हुए
साथ ही उन्होंने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
🤝 जनता से अपील: “देहरादून को मिलकर बनाएं आदर्श शहर”
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने शहरवासियों से अपील की कि वे स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक देहरादून के निर्माण में सरकार का साथ दें।










