देहरादून, शुक्रवार।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए—राज्य स्थापना दिवस (09 नवंबर) का आयोजन भव्य और जनसरोकारों से जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों की योजना ऐसी बने, जिसमें आम जनता की भागीदारी और उत्तराखंड की संस्कृति की झलक स्पष्ट दिखाई दे।
बैठक में सीएम ने नन्दा राज जात यात्रा मार्गों के रख-रखाव और रात्रि पड़ाव स्थलों पर सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना जल्द तैयार करने को कहा। साथ ही हाल ही में आई आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों में लगे संस्थानों व अधिकारियों की सराहना भी की।
यातायात दबाव झेलते शहरों पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़भाड़ कम करने के लिए ठोस प्लान बने। साथ ही उन्होंने मिलावटी खाद्य सामग्री रोकने के लिए सघन जांच अभियान चलाने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और प्रदेश की फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
सड़क मरम्मत को लेकर सीएम धामी का लहजा सख़्त रहा। उन्होंने साफ कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन क्षेत्रों से बार-बार शिकायतें आ रही हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो।
उन्होंने गड्ढा मुक्त सड़क अभियान की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने और 31 अक्टूबर तक पैच वर्क पूरा करने के आदेश दिए। साथ ही अधिकारियों को सड़क मरम्मत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।









