उत्तराखंड ने खोया अपना ‘विकास पुरुष’, श्रद्धांजलि सभा में भावुक हुए मुख्यमंत्री धामी

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी को श्रद्धासुमन अर्पित, कहा- उनके साथ एक युग का हुआ अवसान

देहरादून | 2 जून 2026

उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासन और जनसेवा की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी को सोमवार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। गढ़ी कैंट स्थित स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर माहौल भावुक नजर आया। वक्ताओं ने खंडूड़ी जी के जीवन, उनके संघर्ष, सादगी और उत्तराखंड के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें एक ऐसे जननेता के रूप में याद किया, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

श्रद्धेय खंडूड़ी जी थे कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी की मिसाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूड़ी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। वे एक अनुशासित सैनिक, दूरदर्शी प्रशासक, प्रभावशाली जनप्रतिनिधि और उत्तराखंड के विकास पुरुष के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि खंडूड़ी जी का जीवन सार्वजनिक जीवन में शुचिता, ईमानदारी और समर्पण का ऐसा उदाहरण है, जिससे आने वाली पीढ़ियां लगातार प्रेरणा लेती रहेंगी।

🇮🇳 1971 के युद्ध के नायक, राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा जीवन

मुख्यमंत्री ने उनके सैन्य जीवन को याद करते हुए कहा कि भारतीय सेना में रहते हुए उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में साहस, नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के निर्माण और इंजीनियरिंग कार्यों में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया था, जो उनके समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है।

उत्तराखंड राज्य आंदोलन की आवाज बने खंडूड़ी

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी जनसेवा के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ। वर्ष 1991 में गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने संसद में पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को मजबूती से उठाया।

पांच बार सांसद के रूप में उन्होंने पहाड़ की आवाज को दिल्ली तक पहुंचाया और उत्तराखंड राज्य आंदोलन को नई ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सड़कों के विकास से लेकर सुशासन तक छोड़ी अमिट छाप

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में खंडूड़ी जी ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को गति देने में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए राज्य के विकास को नई दिशा दी।

युवाओं के लिए प्रेरणा, राजनीति के लिए आदर्श

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उन्हें स्वयं खंडूड़ी जी का स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद समय-समय पर प्राप्त होता रहा, जिसने उनके सार्वजनिक जीवन को दिशा देने का काम किया।

उन्होंने कहा कि उच्च पदों पर रहने के बावजूद खंडूड़ी जी ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। वे हमेशा आम जनता के बीच रहे और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देते रहे।

🕯️ उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश की क्षति

मुख्यमंत्री ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन केवल उत्तराखंड के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके साथ एक ऐसे युग का अंत हुआ है, जिसने उत्तराखंड की राजनीति और विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने लोगों से खंडूड़ी जी के आदर्शों और मूल्यों को आत्मसात कर उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, योग गुरु स्वामी रामदेव, विभिन्न संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।