📅 23 अप्रैल 2026 | चमोली, उत्तराखंड
हिमालय की वादियों में आज सुबह आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसे शब्दों में बांधना मुश्किल है। पवित्र बद्रीनाथ धाम के कपाट गुरुवार प्रातः 6:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विधिविधान के साथ खुलते ही पूरा धाम “जय बद्री विशाल” के उद्घोष से गूंज उठा।
देश-विदेश से पहुंचे करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने पहले ही दिन भगवान बद्री विशाल और अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में हर चेहरे पर भक्ति, हर आंख में आस्था और हर दिल में एक अलग ही सुकून दिखाई दिया।
🙏 पहली पूजा पीएम मोदी के नाम, धामी ने की देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना
इस शुभ अवसर पर पुष्कर सिंह धामी ने परंपरा के अनुसार पहली महाभिषेक पूजा नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की।
उन्होंने भगवान से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी में भी विधिवत पूजा-अर्चना की।
🚩 श्रद्धालुओं का स्वागत, व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक
धामी ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों से सीधे संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए हर स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
👉 साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की—
“यात्रा को स्वच्छ और हरित बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
🌿 हरित यात्रा का संदेश: आस्था के साथ पर्यावरण भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि चारधाम यात्रा सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने सभी से प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ यात्रा में सहयोग देने का आग्रह किया।
🎶 लोक संस्कृति की रंगत: जागरों और झुमैलो से सजा धाम
कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक दिन पर माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागर और झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया।
मंदिर परिसर लोक संस्कृति और भक्ति के रंग में पूरी तरह रंग गया।
देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
🍛 भंडारे का शुभारंभ, सीएम ने श्रद्धालुओं संग किया प्रसाद ग्रहण
मुख्यमंत्री ने धाम में संचालित भंडारे का रिबन काटकर शुभारंभ किया और श्रद्धालुओं के साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।
उन्होंने भंडारा संचालकों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा” का सच्चा उदाहरण बताया।
🎯 निष्कर्ष
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ हो गया है।
यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं का संगम है—जो हर श्रद्धालु के लिए जीवनभर का अनुभव बनने जा रहा है।










