रायपुर | 3 नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्य को नक्सलवाद से मुक्त कराने के प्रयासों, आदिवासी क्षेत्रों के विकास और पर्यटन की संभावनाओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर बढ़ेगा। साथ ही नवा रायपुर में पांच लाख पीपल के पेड़ लगाने की योजना का भी उल्लेख किया।
नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के लिए सुरक्षा बलों को बधाई
रायपुर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की जनता, विशेषकर आदिवासी समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और छत्तीसगढ़ पुलिस के योगदान की सराहना की।
गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने उनकी पार्टी को जनादेश दिया, जिसके बाद सरकार ने दो महीने के भीतर नक्सल उन्मूलन का संकल्प लिया। उनके मुताबिक, आत्मसमर्पण की अपील और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के परिणामस्वरूप 90 प्रतिशत नक्सलियों ने हथियार डाले, जबकि 10 प्रतिशत मारे गए।
नक्सलवाद के मुद्दे पर विपक्ष पर साधा निशाना
अमित शाह ने अपने संबोधन में विपक्षी दल पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में हिंसा के कारण आदिवासी समुदाय के लोगों को लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने मानवाधिकार के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास रोकने वाले हथियारबंद लोगों के साथ-साथ गरीब आदिवासियों के अधिकारों की भी चिंता होनी चाहिए। शाह ने यह भी कहा कि नक्सली हिंसा में अंग गंवाने वाले लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर उनकी जिंदगी आसान बनाने का प्रयास किया गया है।
नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ बनाने की योजना
समारोह में अमित शाह ने नवा रायपुर में पांच लाख पीपल के पेड़ लगाने की योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, ताकि यह दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण-मित्र शहर बन सके।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आदिवासी परंपराओं का उल्लेख
गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और आदिवासी विरासत को राज्य की पहचान बताया। उन्होंने पंथी, पांडवानी, राउत नाचा, कर्मा और सैला जैसे लोकनृत्यों के साथ ढोकरा कला, बेल मेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा का उल्लेख किया।
उन्होंने बस्तर दशहरे की 75 दिन चलने वाली परंपरा तथा छत्तीसगढ़ पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों की भी चर्चा की। उनके अनुसार, इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और आदिवासी खेलों को बढ़ावा मिल रहा है।
सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों पर रखे आंकड़े
अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में राज्य सरकार ने केंद्र की 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियां पूरी की हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी होने, धान खरीदी और कृषि, वनोपज, पशुपालन तथा एमएसएमई क्षेत्रों में हो रहे कामों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि छत्तीसगढ़ का वार्षिक बजट 30 गुना, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना और राज्य का जीएसडीपी 25 गुना बढ़ा है। इसके अलावा आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों तथा महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की संख्या में हुई वृद्धि का भी जिक्र किया। शाह ने साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 79 प्रतिशत होने की बात कही।
पर्यटन के क्षेत्र में टॉप-3 राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त होने के बाद छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं और आगे बढ़ेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में राज्य देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल होगा।
इस संदर्भ में उन्होंने चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां बम्लेश्वरी मंदिर, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी और बस्तर दशहरे का उल्लेख किया। उनके अनुसार, ये स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी को किया याद
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देते हुए कहा कि वर्ष 2000 में उनके नेतृत्व में राज्य की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ को अलग पहचान दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य को संवारने का काम किया जा रहा है।
समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर ले जाना है।










