योगी सरकार का बड़ा फैसला: आपदा में मौत पर अब मिलेगा ₹8 लाख मुआवजा, किसानों की फसल राहत भी बढ़ी

लखनऊ | 6 नवंबर 2026

उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों और आम परिवारों को अब पहले से अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने आपदा राहत के नए मानकों में बदलाव किया है। इसके तहत प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके परिवार को अब ₹4 लाख के बजाय ₹8 लाख की सहायता दी जाएगी।

इसके साथ ही फसल, पशुधन और अन्य नुकसान पर मिलने वाली राहत राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। 🇮🇳

💰 आपदा में जान गंवाने पर दोगुनी हुई आर्थिक सहायता

नए राहत मानकों के अनुसार, बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को अब ₹8 लाख दिए जाएंगे। पहले यह सहायता राशि ₹4 लाख निर्धारित थी।

यानी ऐसे मामलों में परिवार को मिलने वाली आर्थिक मदद दोगुनी कर दी गई है।

🌾 फसल बर्बाद होने पर किसानों को कितना मिलेगा?

प्राकृतिक आपदा से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई गई है। नई दरों के अनुसार:

फसल नुकसान की श्रेणी पुरानी सहायता नई सहायता
सिंचित क्षेत्र ₹17,000 ₹22,000 प्रति हेक्टेयर
असिंचित क्षेत्र ₹8,500 ₹11,000 प्रति हेक्टेयर
बारहमासी फसल और कृषि वानिकी ₹22,500 ₹30,000 प्रति हेक्टेयर

इन बदलावों से किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में पहले के मुकाबले अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

🐄 पशुओं की मौत पर भी बढ़ाई गई सहायता राशि

प्राकृतिक आपदा में पशुधन का नुकसान होने पर पशुपालकों को मिलने वाली सहायता में भी इजाफा किया गया है।

  • गाय, भैंस, घोड़े और ऊंट जैसे बड़े पशुओं की मृत्यु पर अब ₹50,000 मिलेंगे। पहले यह राशि ₹40,000 थी।

  • बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं के लिए सहायता ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 कर दी गई है।

  • गधे और खच्चर जैसे भार ढोने वाले पशुओं के नुकसान पर अब ₹25,400 मिलेंगे। पहले यह राशि ₹20,000 थी।

  • मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी ₹130 की सहायता मिलेगी, जबकि पहले ₹100 दिए जाते थे। यह प्रावधान 100 मुर्गियों तक के नुकसान के लिए है।

🚜 10 लाख से अधिक किसानों को मिल सकता है लाभ

राज्य के राहत विभाग से जुड़ी जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 के बीच प्रदेश में 10,02,684 किसानों की करीब 52 लाख 14 हजार हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है। इसी अवधि में 3,537 पशुओं की मौत भी दर्ज की गई है।

नए मानकों के तहत इस अवधि में हुए पात्र नुकसान की भरपाई बढ़ी हुई दरों से की जाएगी।

🏦 DBT से बैंक खातों में पहुंचेगी सहायता राशि

राहत राशि का भुगतान पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किए जाने का प्रावधान बताया गया है। इसके साथ ही लाभार्थियों की सूची और पात्रता की जानकारी सार्वजनिक रखने की बात कही गई है, ताकि सहायता वितरण में पारदर्शिता बनी रहे।

📢 नए राहत मानक कब से लागू होंगे?

संशोधित सहायता मानक वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेंगे। सरकार ने जिलाधिकारियों से 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 तक प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है, ताकि पात्र मामलों में बढ़ी हुई दरों के अनुसार सहायता दी जा सके।