गाजियाबाद | 5 नवंबर 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गाजियाबाद में आयोजित 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह-2026 के समापन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। विद्या भारती की ओर से आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, एकता, सहयोग और देश के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
🇮🇳 खेल का मैदान दिखाता है ‘एक भारत’ की तस्वीर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ियों की भागीदारी इस आयोजन को खास बनाती है। हिमालय के सीमांत क्षेत्रों से लेकर कन्याकुमारी और पश्चिमी सीमाओं से पूर्वोत्तर तक के खिलाड़ियों का एक मंच पर जुटना भारत की विविधता और एकता को दर्शाता है।
उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि अलग-अलग भाषा, पहनावे और संस्कृति से जुड़े विद्यार्थियों को एक साथ खेलते देखना सुखद अनुभव है। खेल का मैदान सभी को एक सूत्र में जोड़ने के साथ एक-दूसरे की परंपराओं को जानने और समझने का अवसर भी देता है।
हार और जीत दोनों से मिलती है सीख
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतियोगिताओं में जीत जहां आगे बढ़ने का उत्साह देती है, वहीं हार अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने की प्रेरणा बनती है।
उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से बच्चों में साहस, धैर्य, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और मिलकर काम करने की भावना विकसित होती है। समारोह की अनुशासित दिनचर्या भी विद्यार्थियों को समय का महत्व, आत्मनिर्भरता और सामूहिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाती है।
📚 शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी जोर
विद्या भारती के योगदान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्था शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1952 में गोरखपुर में पहले सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना से शुरू हुई संस्था की यात्रा आज देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच चुकी है। संस्था का ध्येय वाक्य ‘सा विद्या या विमुक्तये’ शिक्षा के व्यापक उद्देश्य को सामने रखता है।
मुख्यमंत्री ने सीमांत, ग्रामीण, जनजातीय और वंचित क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के लिए विद्या भारती के प्रयासों को सराहनीय बताया। उन्होंने उत्तराखंड में भी संस्था के विद्यालयों के योगदान का उल्लेख किया।
निषाद कुमार का उदाहरण देकर खिलाड़ियों को किया प्रेरित
मुख्यमंत्री धामी ने भारतीय परंपरा में शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर जीवन के लक्ष्यों और जिम्मेदारियों को पूरा करने का आधार है।
उन्होंने पेरिस पैरालंपिक-2024 में रजत पदक जीतने वाले निषाद कुमार का उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, नियमित अभ्यास और कठिन परिश्रम से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि समारोह में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी भी आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन करेंगे।
खेलो इंडिया और फिट इंडिया से बढ़ रही खेल संस्कृति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसी पहल युवाओं को खेलों और शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन प्रयासों से सामान्य परिवारों से आने वाली खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने के अवसर मिल रहे हैं।
उत्तराखंड में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं और संसाधनों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को भी अपनी खेल क्षमता दिखाने के पर्याप्त अवसर मिलें और वे खेलों में अपना भविष्य बना सकें।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही आयोजन को सफल बनाने में जुटे विद्या भारती के पदाधिकारियों, आचार्यों, प्रशिक्षकों और कार्यकर्ताओं की सराहना की।









