वॉशिंगटन | 4 नवंबर 2026
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections 2026) में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) और सीनेट (Senate) दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इस नतीजे के साथ अमेरिकी राजनीति में सत्ता का संतुलन बदल गया है और ट्रंप प्रशासन के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
एसोसिएटेड प्रेस (AP) और अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डेमोक्रेट्स की इस जीत से संसद में राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों और नीतियों पर निगरानी बढ़ने की संभावना है।
🏛️ संसद के दोनों सदनों में बदला सत्ता का समीकरण
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुआ। डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन पार्टी से दो दर्जन से अधिक सीटें अपने पक्ष में कीं।
वहीं, सीनेट की 35 सीटों के लिए हुए चुनाव में भी डेमोक्रेट्स ने कई महत्वपूर्ण राज्यों में जीत दर्ज की। इनमें टेक्सास, आयोवा, कंसास, मेन, ओहायो, नॉर्थ कैरोलाइना और साउथ कैरोलाइना जैसे राज्य शामिल हैं।
🔍 महंगाई और ईरान युद्ध बने चुनाव के बड़े मुद्दे
चुनाव में अमेरिकी मतदाताओं की नाराजगी के पीछे महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतें, ईरान युद्ध और सरकार से जुड़े विवाद प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने आए।
AP के एग्जिट पोल के अनुसार, 62 प्रतिशत मतदाताओं ने बढ़ती कीमतों के लिए ट्रंप की नीतियों को जिम्मेदार माना। वहीं 71 प्रतिशत मतदाताओं का मानना था कि कांग्रेस को राष्ट्रपति के कामकाज पर अधिक प्रभावी निगरानी रखनी चाहिए।
ट्रंप की नीतियों पर बढ़ सकती है संसद की निगरानी
दोनों सदनों में बहुमत गंवाने के बाद रिपब्लिकन पार्टी के लिए ट्रंप प्रशासन के विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है।
डेमोक्रेट्स अब सरकारी नीतियों की जांच, प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्तियों और महत्वपूर्ण विधेयकों पर अपनी भूमिका मजबूत कर सकेंगे। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप के पास अभी भी अपने संवैधानिक अधिकार और वीटो की शक्ति बनी रहेगी।
ट्रंप ने हार पर क्या कहा?
चुनावी नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के बेहतर चुनावी प्रदर्शन को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने अच्छा चुनाव लड़ा। हालांकि, उन्होंने ईरान युद्ध और उससे जुड़ी आर्थिक परिस्थितियों को भी रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन की वजह बताया।
2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले अहम राजनीतिक संकेत
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच आयोजित होते हैं। इनमें राष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता, बल्कि कांग्रेस के सदस्यों और कई राज्यों के गवर्नरों का चयन किया जाता है।
2026 के चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत को ट्रंप प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस में बदले हुए समीकरणों के बीच अगले दो वर्षों में अमेरिकी सरकार की नीतियों और फैसलों पर कितना असर पड़ता है।









