देहरादून | 21 अक्टूबर 2026
🙏 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित दशहरा महोत्सव में प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को पहचानकर उन्हें दूर करने का अवसर भी है। उन्होंने न्याय, सुशासन और जनकल्याण को रामराज्य की मूल भावना बताया।
भगवान श्रीराम का जीवन देता है आदर्श आचरण की सीख
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और मर्यादा की प्रेरणा देता है। पिता के वचन का सम्मान करते हुए राजसुख छोड़कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार करना उनके सिद्धांतों और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि रावण के पास अपार संपत्ति, शक्ति और विशाल सेना थी, लेकिन उसका अहंकार और मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना। विजयादशमी का संदेश यही है कि अंततः सत्य और धर्म की जीत होती है।
अहंकार, क्रोध और सामाजिक बुराइयों को छोड़ने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा आत्ममंथन का भी पर्व है। इस अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं की रक्षा के साथ शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराने का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के विभिन्न फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है। उनके अनुसार, इस अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराई गई है।
उन्होंने बताया कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को समानता और न्याय की भावना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और प्रदेश में सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।
युवाओं को रोजगार और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर 🎯
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने ज्ञान, नवाचार और तार्किक सोच को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
युवाओं के रोजगार के संबंध में उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नकल जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को योग्यता, मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, निवेश और रोजगार बढ़ाने की बात
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सुशासन के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके।
उन्होंने प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी बताया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
रामराज्य का आधार न्याय, सुशासन और जनकल्याण
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा न्याय, समानता, सुशासन और जनकल्याण पर आधारित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि विकास के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी जरूरी है। प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराएं उसकी पहचान और ताकत हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे विजयादशमी पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने ऐसे उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प लेने को कहा, जहां सभी को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
दशहरा महोत्सव में कैबिनेट मंत्री खजान दास भी रहे मौजूद
परेड ग्राउंड में आयोजित दशहरा महोत्सव में कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।











