उत्तराखंड पुलिस में 1,600 पदों पर जल्द भर्ती, थानों का बजट ₹4 करोड़ से बढ़कर होगा ₹8 करोड़

देहरादून | 21 अक्टूबर 2026

🚔 उत्तराखंड में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और जवानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। पुलिस स्मृति दिवस पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पुलिस की विभिन्न इकाइयों में करीब 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने और थानों का वार्षिक बजट दोगुना करने की घोषणा की।

पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया और पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।

🚔 पुलिसकर्मियों के लिए आठ घोषणाएं, जानिए क्या बदलेगा

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई फैसलों की घोषणा की।

  • करीब 1,600 पदों पर भर्ती: उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

  • थानों का बजट दोगुना: थानों के जरूरी कार्यों के लिए वार्षिक बजट ₹4 करोड़ से बढ़ाकर ₹8 करोड़ किया जाएगा।

  • पदों की समीक्षा: थानों और चौकियों में कर्मचारियों की जरूरत के अनुसार पदों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा होगी।

  • आधुनिक जांच किट: विवेचकों को जांच के लिए आधुनिक किट उपलब्ध कराई जाएंगी।

  • पुलिस मॉडर्न स्कूल: प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाया जाएगा।

  • ट्रांजिट हॉस्टल और बैरक: देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और बहुमंजिला बैरक बनाई जाएंगी।

  • पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण: देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल को बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित करने की घोषणा की गई।

  • पुलिसकर्मियों के कल्याण पर जोर: पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए सुविधाएं बेहतर बनाने तथा तनाव प्रबंधन कार्यक्रमों पर ध्यान दिया जाएगा।

शहीद जवानों के बलिदान को किया याद

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। इनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि शहीद जवान पूरे देश का गौरव हैं। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक वीर जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने खाकी वर्दी को साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बताते हुए कहा कि पुलिसकर्मी त्योहारों पर भी परिवार से दूर रहकर लोगों की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और आपदाओं के दौरान उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

नशे और साइबर अपराध से निपटने के लिए आधुनिक पुलिसिंग

मुख्यमंत्री ने नशे और साइबर अपराध को पुलिस के सामने बड़ी चुनौतियां बताया। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है। ड्रग फ्री उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में पुलिस को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण से लैस करना जरूरी है। साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दूसरी एजेंसियों के साथ समन्वय भी महत्वपूर्ण है।

करीब ₹32 करोड़ की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। वहीं, महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है।

चारधाम और कांवड़ यात्रा में पुलिस की भूमिका की सराहना

🙏 मुख्यमंत्री ने इस वर्ष करीब 5 करोड़ कांवड़ यात्रियों और चारधाम यात्रा में अब तक 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने में उत्तराखंड पुलिस के योगदान की सराहना की।

उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इस वर्ष 319 पुलिसकर्मियों को विभिन्न पदकों और सम्मान चिह्नों से अलंकृत किया गया है। उत्तराखंड पुलिस का प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर्स’ के लिए नामित होना भी प्रदेश के लिए गौरव की बात बताया।

पुलिस आवास और कर्मचारियों की सुविधाओं में सुधार

मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के आवास से जुड़ी स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस आवास संतुष्टि दर 18 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई है। सरकार का लक्ष्य इसे 30 प्रतिशत तक पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई। नागरिक पुलिस में 1,573 और पीएसी में 370 आरक्षियों की सीधी भर्ती हुई है। इसके अलावा उपनिरीक्षक, प्लाटून कमांडर और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 222 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है।

मृतक पुलिसकर्मियों के 24 आश्रितों को भी नियुक्तियां दी गई हैं। पुलिसकर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए नियमित तनाव प्रबंधन कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि वे बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।

शहीद परिवारों को सहायता, मेधावी बच्चों को छात्रवृत्ति

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कार्यक्रम में बताया कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से अब तक पुलिस के 206 कार्मिक कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष पुलिस शहीद कोष से आश्रित परिवारों को लगभग ₹50 लाख की सहायता दी गई है। पुलिस सैलरी पैकेज के तहत अब तक करीब ₹31 करोड़ की अनुग्रह राशि प्रदान की जा चुकी है।

इसके अतिरिक्त, जीवन रक्षक निधि से इस वर्ष 25 पुलिसकर्मियों को ₹1 करोड़ 16 लाख की सहायता दी गई। पुलिसकर्मियों के 446 मेधावी बच्चों को ₹34 लाख की छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई है।

डीजीपी ने बताया कि एम्स ऋषिकेश में 24 घंटे संचालित पुलिस हेल्प डेस्क स्थापित की जा रही है। इस वित्तीय वर्ष में थानों, अग्निशमन केंद्रों, बैरकों, मैस और अन्य कार्यस्थलों के लिए ₹58 करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई है।