उत्तराखंड में 700 से बढ़कर 1700 पार हुए स्टार्टअप, धामी ने युवाओं और उद्यमियों से किया संवाद

देहरादून | 19 अक्टूबर 2026

🚀 उत्तराखंड में स्टार्टअप, स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों के जरिए विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘विकसित उत्तराखण्ड–यात्रा जारी है’ संवाद कार्यक्रम में उद्यमियों, किसानों, नवाचारकर्ताओं और स्वरोजगार से जुड़े लोगों से बातचीत की। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य में स्टार्टअप की संख्या करीब 700 से बढ़कर 1,700 से अधिक हो गई है।

कार्यक्रम में सौर ऊर्जा से चलने वाली कार बनाने से लेकर डेयरी, मशरूम उत्पादन, औषधीय खेती और विशेष बच्चों की शिक्षा तक विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।

🚀 पर्यटन, ऊर्जा और उद्यमिता में अवसरों पर जोर

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित यह कार्यक्रम नियोजन विभाग और देवभूमि डायलॉग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उत्तराखंड भी अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने प्रदेश के विकास में युवाओं की प्रतिभा, उद्यमियों की मेहनत और नवाचार को महत्वपूर्ण बताया।

धामी ने पर्यटन, ऊर्जा, कृषि और स्वरोजगार को ऐसे क्षेत्र बताया, जिनमें प्रदेश के लिए आगे बढ़ने की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और कई परियोजनाओं पर काम जारी है। जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

🌱 एक गाय से शुरू किया डेयरी व्यवसाय, अब पांच बद्री गाय

संवाद के दौरान उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने अपने डेयरी व्यवसाय की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि एक गाय से कारोबार शुरू करने के बाद सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने इसे आगे बढ़ाया। अब उनके पास पांच बद्री गाय और आठ देशी गाय हैं।

पौड़ी के नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम के व्यावसायिक उत्पादन के बारे में बताया। उनके अनुसार, इस काम से दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।

वहीं, सोमेश्वर के ललित खाती ने एकीकृत कृषि प्रणाली के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के अपने प्रयासों की जानकारी दी।

☀️ सौर ऊर्जा की कार से लेकर 10 करोड़ रुपये के कारोबार तक

चम्पावत के राहुल नरियाल ने मुख्यमंत्री को सौर ऊर्जा और बैटरी से चलने वाली कार तैयार करने के अपने प्रयासों के बारे में बताया।

ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह ने जानकारी दी कि वह अपनी पत्नी के साथ स्टार्टअप चला रहे हैं और उनका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है।

चमोली के राजेश ने गांव लौटकर काम शुरू करने और रिवर्स पलायन का उदाहरण पेश किया है। वह रोजमेरी सहित अन्य हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और स्थानीय लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।

नैनीताल की कमला देवी ने वाहनों के टायरों की मरम्मत के काम से अच्छी आय अर्जित करने का अपना अनुभव साझा किया।

🌿 औषधीय खेती से जुड़े 300 से अधिक लोग

चमोली के डॉ. हरपाल नेगी ने घेस क्षेत्र में कुटकी जैसी औषधीय वनस्पतियों की खेती को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस काम से 300 से अधिक लोग जुड़े हैं और सामूहिक रूप से लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं।

कार्यक्रम में पिरूल से उपयोगी उत्पाद तैयार करने वाली गीता पंत और सुमन पांथरी, बागवानी के क्षेत्र में काम कर रहे महाबल नेगी तथा मोटे अनाज से बने उत्पादों की बेकरी चलाने वाली कल्पना बिष्ट ने भी अपने अनुभव साझा किए।

🌍 जर्मनी में नर्सिंग की नौकरी तक पहुंचीं सपना राणा

टिहरी की सपना राणा ने मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मनी में रोजगार पाने का अनुभव साझा किया।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें जर्मनी में नर्सिंग के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला।

वहीं, चम्पावत के टनकपुर मूल निवासी शैलेश सिंगापुर से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े। उन्होंने वहां सीवरेज जल शोधन के क्षेत्र में अपने काम की जानकारी दी और चम्पावत के एक गांव को गोद लेकर उसके विकास में सहयोग करने की इच्छा जताई।

देहरादून में ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहीं अनीता शर्मा थपलियाल ने भी अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।

🎯 स्थानीय संसाधनों से रोजगार बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रतिभागियों के काम की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और युवाओं की प्रतिभा के जरिए आजीविका के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

उन्होंने स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि युवा अपने लिए काम शुरू करने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकें।

कार्यक्रम में देवभूमि डायलॉग के संपादक रमेश भट्ट ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाले युवाओं की उपलब्धियों पर वीडियो प्रस्तुतीकरण दिया।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर अवधूत गिरि महाराज, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु और डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय और सी. रविशंकर, अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।